डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार ने शनिवार को उन 60 अभ्यर्थियों के खिलाफ केस दर्ज कराया जिन्होंने कार्रवाई से बचने के लिए एसआईटी दफ्तर के नाम से पत्र भेजे थे। इन सभी के बीएड-2005 के अंकपत्र एसआईटी जांच में फर्जी पाए गए थे।
कुलसचिव कार्यालय में तीन पत्र 21 जनवरी को मिले थे। इन्हें दस जनवरी को भेजा गया था। इनमें लिखा था कि इन साठ अभ्यर्थियों का नाम गलती से उस सूची में आ गया जिनके अंकपत्र फर्जी पाए गए थे। प्रत्येक पत्र में 20-20 नाम और रोल नंबर थे।
शक होने पर कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने इसकी जांच कराई। एसआईटी के अफसरों ने साफ कर दिया कि ऐसा कोई पत्र नहीं भेजा गया है। एसआईटी के डीएसपी जे रविंद्र गौड़ ने सात फरवरी को कुलसचिव को पत्र भेजकर इस मामले में जालसाजी का केस दर्ज कराने के लिए कहा।
इस पर शनिवार को हरीपर्वत थाना में तहरीर दे दी गई। थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि पत्र में जिन साठ अभ्यर्थियों के नाम और रोल नंबर दिए गए हैं, सभी को आरोपी बनाया गया है। विवि ने शुक्रवार को बीएड-2005 के 2824 अंक पत्र फर्जी करार दे दिए थे। एसआईटी ने 4766 की सूची दी थी। अन्य पर फैसला होना
शेष है।