कासगंज। पत्नी के फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर आंगनबाड़ी की नौकरी करने के मामले में पति की तरफ से दी गई अर्जी पर कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया। इस दौरान कोर्ट ने सुनवाई करने के बाद पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने महिला के खिलाफ केस दर्ज कर जांच में जुटी है। नगला पट्टी निवासी हरेंद्र की शादी मिथलेश निवासी नगला समस के साथ हुई। उसकी पत्नी ग्राम सिरौली में आंगनबाड़ी के पद पर कार्यरत है। हरेंद्र ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर बताया कि उसकी पत्नी ने हाईस्कूल की परीक्षा वर्ष 2005 में नेशनल इंटर कॉलेज जखेरा एटा से प्रथम श्रेणी में पास की, इसमें जन्म तिथि 20 जून 1979 अंकित है। इसी कालेज से उसने दुबारा हाईस्कूल की परीक्षा तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण की, जिसमें जन्मतिथि 3 जुलाई 1986 अंकित है। एक ही कालेज से एक ही कक्षा से दो अंकतालिकाएं जारी की गई हैं।
कालेज के प्रधानाचार्य द्वारा जो स्थानांतरण प्रमाण पत्र जारी किए है, उसमें कक्षा नौ में प्रवेश की तिथि 1 जुलाई 2003 तथा कक्षा दस में प्रवेश की तिथि 1 जुलाई 2004 अंकित है। इसमें जन्मतिथि 3 जुलाई 1986 दर्शाई गई है। वर्ष 2005 में कक्षा दस तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण किया जाना दर्शाया गया है। जबकि 2007 में 12 वीं की कोई परीक्षा इस कालेज से उत्तीर्ण नहीं की गई है। जबकि उसकी पत्नी ने इसी कालेज से वर्ष 2007 में इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करना बताया है। उसकी पत्नी ने फर्जी दस्तावेजों से आंगनबाड़ी की नौकरी प्राप्त की है।
जब उसकी पत्नी को शिकायत किए जाने की जानकारी मिली तो उसने जान से मारने की धमकी दी। इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उच्चाधिकारियों से शिकायत करने पर भी कोई नतीजा नहीं निकला। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आरोपी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।