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UP: तिरंगा यात्रा में लगाए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे...माफी मांगी, पुलिस ने दर्ज किया दो पदाधिकारियों पर केस

Tue, 20 May 2025 12:21 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

तिरंगा यात्रा के दाैरान लोगों ने पाकिस्तान के पक्ष में नारेबाजी कर दी। यह नारेबाजी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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तिरंगा यात्रा में लगाए थे पाकिस्तान के समर्थन में नारे। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा में शाहगंज में तिरंगा यात्रा निकालने के दौरान पाकिस्तान के पक्ष में नारेबाजी की गई। इस मामले में अखंड भारत महासंघ के दो पदाधिकारियों पर कांग्रेस नेता ने शाहगंज थाने में केस दर्ज कराया। आरोपियों पर राजद्रोह के समान भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 लगाई गई है।
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अखंड भारत महासंघ की ओर से रविवार को भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के उपलक्ष्य में शाहगंज बाजार से तिरंगा यात्रा निकाली गई थी। संयोजक अर्जुन गिर्ज और गोपाल चाहर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जुलूस के दौरान पाकिस्तान के पक्ष में नारेबाजी कर दी। यह नारेबाजी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई।

इस पर खुद को संगठन का प्रदेश उपाध्यक्ष बताने वाले अर्जुन ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करके सफाई दी कि जुबान फिसलने के कारण हिंदुस्तान की जगह पाकिस्तान निकल गया। इसका उन्हें खेद है। लेकिन इस मामले में कांग्रेस के नेता अपूर्व शर्मा ने महासंघ के गोपाल चाहर व अर्जुन के विरुद्ध शाहगंज थाने में तहरीर दी। आरोप लगाया कि दोनों ने साजिशन पाकिस्तान को महिमामंडित किया।
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शाहगंज थाने में दोनों पदाधिकारियों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि वीडियो के आधार पर पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करने वालों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। इसकी जांच की जा रही है।

केस दर्ज होते ही पैरवी शुरू
अखंड भारत महासंघ के पदाधिकारियों पर देशद्रोह का केस दर्ज होते ही अन्य संगठनों के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने मामले में केस दर्ज करने पर आपत्ति जताई। गोविंद पाराशर ने कहा कि जब माफी मांग ली गई तो केस दर्ज नहीं करना चाहिए था। एसीपी लोहामंडी को पूरे प्रकरण की जानकारी थी, इसके बाद भी कांग्रेस के नेता ने राजनीतिक दुर्भावना से केस दर्ज कराया है। इस संबंध में पुलिस आयुक्त से मिलकर प्रकरण से अवगत कराया जाएगा।

यह लगाई गई धारा
केस में बीएनएस की धारा 152 लगाई गई है। इसमें सात साल की कैद और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। यह राजद्रोह के समान मानी जाती है।

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