शाहगंज थाने में दोनों पदाधिकारियों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि वीडियो के आधार पर पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करने वालों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। इसकी जांच की जा रही है।
केस दर्ज होते ही पैरवी शुरू
अखंड भारत महासंघ के पदाधिकारियों पर देशद्रोह का केस दर्ज होते ही अन्य संगठनों के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने मामले में केस दर्ज करने पर आपत्ति जताई। गोविंद पाराशर ने कहा कि जब माफी मांग ली गई तो केस दर्ज नहीं करना चाहिए था। एसीपी लोहामंडी को पूरे प्रकरण की जानकारी थी, इसके बाद भी कांग्रेस के नेता ने राजनीतिक दुर्भावना से केस दर्ज कराया है। इस संबंध में पुलिस आयुक्त से मिलकर प्रकरण से अवगत कराया जाएगा।
यह लगाई गई धारा
केस में बीएनएस की धारा 152 लगाई गई है। इसमें सात साल की कैद और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। यह राजद्रोह के समान मानी जाती है।