सोरोंजी में बदरिया मार्ग पर आसरा आवासीय कालोनी में गिरी पानी की टंकी के मलबे को देखते कांग्रे
कासगंज। आसरा आवासीय कॉलोनी में बुधवार की रात निर्माणदायी संस्था सीएनडीएस के द्वारा बनाया गया पानी का ओवरहेड टैंक भरभराकर जमींदोज हो गया। इसमें तीन लोग चुटैल हो गए थे। जिला प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देश पर डूडा के परियोजना अधिकारी ने सीएनडीएस के तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर, अभियंता और ठेकेदार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। निर्माणदायी संस्था पर एफआईआर में गंभीर आरोप लगाए हैं। ऑसोरोंजी के मोहल्ला बदरिया के आसरा आवासीय परिसर में कार्यदायी संस्था सीएनडीएएस ने वित्तीय वर्ष 2014-15 में स्वीकृत हुई परियोजना के अंतर्गत ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया था। यह ओवरहेड टैंक तय मानक के अनुरूप नहीं बनाया गया और न इसे समय से पूरा किया गया। सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक को बार-बार जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आगाह किया। परियोजना की गुणवत्ता और क्रियान्वयन पर निर्देश दिए, लेकिन निर्माणदायी संस्था ने लापरवाही बरती। अलीगढ़ की कमिश्नर ने इसी वर्ष 14 अप्रैल को निरीक्षण किया। इस दौरान विद्युत कनेक्शन और पेयजल आदि के संबंध में निर्देश दिए थे, लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही जारी रही और उसने इन निर्देशों को भी गंभीरता से नहीं लिया। डूडा के अधिकारियों ने सीएनडीएस के तत्कालीन परियोजना प्रबंधक ग्रीश कुमार शर्मा, ठेकेदार मनोज कुमार यादव और अभियंता विशेष कुमार पर आमजन की जान से खिलवाड़ का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया जिस वजह से ओवरहेड टैंक गिर गया। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि ओवरहेड टैंक के ढहने के मामले में डूडा विभाग की ओर से कार्यदायी संस्था के तत्कालीन परियोजना अधिकारी, अभियंता एवं ठेकेदार के विरुद्ध सोरोंजी कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है।इधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ता घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने टंकी के ढहने के मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
धनराशि के गबन की भी आशंका
: आसरा आवास योजना की 10.79 करोड़ रुपये की इस परियोजना में कार्यदायी संस्था ने पूरा : धन अवमुक्त होने के उपरांत भी समय से कार्य नहीं कराया। परियोजना के स्वीकृत मदवार कार्यों पर व्यय का ब्यौरा नहीं दिया जो गबन की श्रेणी में आता है। वहीं, निर्माण कार्य में व्यापक स्तर पर अधोमानक सामग्री का उपयोग कर वित्तीय अनियमितता की गई है। आवासीय योजना के आवास में रहने वाले लोगों की जानमाल को खतरे में डाला है।