थाना ताजगंज के विभव नगर स्थित विभय वैली व्यू के फ्लैट में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित अग्रवाल की पत्नी डॉ. दीप्ति अग्रवाल सोमवार शाम को कमरे में फंदे पर लटकी मिलीं। डॉ. सुमित ने दरवाजा तोड़कर उन्हें कमरे से बाहर निकाला।
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इसके बाद प्रतापपुरा स्थित अपने सफायर अस्पताल में भर्ती कराया है। डॉ. दीप्ति की हालत चिंताजनक बनी है। उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है। परिजनों से पुलिस ने जानकारी ली है। हालांकि आत्महत्या के प्रयास का कारण पता नहीं चल सका है।
प्रतापपुरा निवासी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एससी अग्रवाल के छोटे बेटे डॉ. सुमित अग्रवाल विभव नगर स्थित विभव वैैली व्यू के फ्लैट में रहते हैं। प्रतापपुरा स्थित सफायर अस्पताल में अपनी सेवाएं देते हैं। उनकी पत्नी डॉ. दीप्ति (32) और दो वर्षीय बेटी भी साथ ही रहती हैं।
डा. दीप्ति एनस्थीशियन हैं। वह सोमवार दोपहर को तकरीबन ढाई बजे घर आईं थीं। इसके बाद अपने कमरे में चली गईं। नौकरानी विमला (60) और बेटी दूसरे कमरे में बैठी थीं। तभी नौकरानी डॉ. दीप्ति के कमरे में आई, लेकिन कमरा बंद था। इस पर वह चली गई।
थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी शाम तकरीबन छह बजे पुलिस को दी गई। डॉ. सुमित घर आए थे। पत्नी के कमरे का दरवाजा बंद मिला। इस पर काफी देर तक आवाज देते रहे। जब दरवाजा नहीं खुला तो दरवाजा तोड़ दिया।
डॉ. दीप्ति फंदे पर लटकी हुई थीं। यह देखकर उन्होंने शोर मचा दिया। आनन-फानन में पत्नी को नीचे उतारा। उन्हें मुंह से ऑक्सीजन दी। जान बचाने के लिए काफी कोशिश करते रहे। इसके बाद दीप्ति को अपने अस्पताल ले आए। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने जांच की। परिजनों से पूछताछ की। डॉ. दीप्ति वेंटीलेटर पर हैं। उनकी हालत चिंताजनक बनी है। देर रात उन्हें गुरुग्राम ले जाने की तैयारी की जा रही थी।
आखिर क्यों उठाया कदम?
थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार ने बताया कि डॉ. दीप्ति ने यह कदम क्यों उठाया? यह पता नहीं चल सका है। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की, लेकिन सभी ने यही बताया कि वह ठीक से अस्पताल से गई थीं। घर जाकर क्या हुआ? किसी को पता नहीं है। पुलिस की पूछताछ में झगड़े की कोई वजह सामने नहीं आई है। अब पुलिस डॉ. दीप्ति के ठीक होने का इंतजार कर रही है।
पांच साल पहले हुई थी शादी
थाना ताजगंज पुलिस को परिजनों ने बताया कि डॉ. सुमित की शादी वर्ष 2014 में मथुरा की रहने वाली डॉ. दीप्ति से हुई थी। उनकी दो साल की बेटी है। घटना की जानकारी पर डा. दीप्ति की मां और भाई आ गए। पिता दिल्ली में हैं। वह भी देर रात पहुंचने वाले थे।
हालत सुधरने पर ही कुछ कहा जा सकेगा
यह सब कैसे हुआ। क्या स्थिति रही। कुछ नहीं कहा जा सकता है। हालत गंभीर है। स्थिति में सुधार होने पर ही कुछ बताया जा सकेगा। -डॉ. एससी अग्रवाल