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करोड़ों की जमीन पर कब्जा और फर्जी केस: दस हजार का इनामी पहलवान गिरफ्तार, खोले कई राज

Sat, 20 Jan 2024 11:27 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

बोदला में करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जे के लिए पुलिस ने बेगुनाह परिवार को सलाखों के पीछे पहुंचाया, तो वहीं दबंग पहलवान ने पीड़ित परिवार से दबंगई के बल पर जमीन कब्जा ली। पुलिस ने आरोपी पहलवान को गिरफ्तार कर लिया है। 
 
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के जगदीशपुरा जमीन कांड में शनिवार को पुलिस ने 10 हजार के इनामी पुरुषोत्तम पहलवान को गिरफ्तार कर लिया। उसने पुलिस के सामने कई राज खोले हैं। बताया कि जमीन पर दबंगई से कब्जा हुआ था। थाना पुलिस मिली हुई थी, इसकी पुष्टि भी की। पुलिस और बिल्डर के बीच डील एक चर्चित व्यक्ति ने कराई थी। पुलिस को उसका नाम पता चल गया है। हालांकि पुलिस ने मुकदमे में उसे अभी तक आरोपी नहीं बनाया है। पहलवान ने कहा कि उसे तो मामले में फंसाया जा रहा है।
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जगदीशपुरा पुलिस ने 10 हजार वर्गगज जमीन के मामले में दो फर्जी मुकदमों में पांच लोगों को जेल भेजकर कब्जा कराया था। डीजीपी से शिकायत के बाद मामला सुर्खियों में आया। पुलिस ने जमीन की कथित मालकिन उमा देवी की तहरीर पर डकैती की धारा में मुकदमा दर्ज किया। सबसे पहले अमित अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई। उसके बाद पुलिस ने तत्कालीन एसओ जगदीशपुरा जितेंद्र कुमार को जेल भेजा। शुक्रवार को बिल्डर कमल चौधरी, धीरू चौधरी और पुरुषोत्तम पहलवान पर दस-दस हजार रुपये इनाम घोषित किया गया था।

डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि मलका चबूतरा, शाहगंज निवासी पुरुषोत्तम पहलवान को पथौली के पास से गिरफ्तार किया गया। उसने पुलिस को बताया कि बिल्डर कमल चौधरी से उसकी दोस्ती है। बिल्डर का एक गुर्गा किशोर बघेल भी है। वह बोदला का है। प्रॉपर्टी डीलर भी है। वही उसे विवादित जमीन पर लेकर गया था। चौकीदारों के घर में जो सामान रखा था उसे किशोर बघेल ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले गया था। कब्जे के समय बिल्डर कमल चौधरी भी मौके पर आए थे। उनके साथ गाड़ी में आधा दर्जन लोग थे। मगर उनके बेटे धीरू चौधरी को उसने नहीं देखा था। पहलवान ने मौके पर आने वालों में एक ऐसा नाम भी बताया जो राजनीतिक घराने से संबंध रखता है। इस वजह से पुलिस भी उसका नाम नहीं ले पा रही।
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वह तो दोस्ती में मारा गया
पुरुषोत्तम पहलवान ने पुलिस को बताया कि वह कोई अपराधी नहीं है। वह तो कुश्ती लड़ने वाला पहलवान है। वह तो दोस्ती में मारा गया। डकैती का आरोपी बन गया। वह बिल्डर कमल चौधरी को बहुत मानता है। बिल्डर उसे अखाड़े में बादाम भेजते थे, चंदा भी देते थे। इस वजह से वह मौके पर आ गया था। कमल चौधरी के कहने पर अपने दो पहचान वालों को जमीन पर चौकीदार रखवा दिया था। उन्हें एक रुपया भी नहीं मिला। जब जमीन पर कब्जा किया जा रहा था तो यह जानकारी थाना पुलिस को थी। मगर, फिर भी पुलिस मौके पर नहीं आई थी। बघेल ही सारा सामान लेकर गया था।

एक चर्चित ने निभाई अहम भूमिका
पुरुषोत्तम पहलवान ने पुलिस को बताया कि उसे गांजा और शराब के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसने बिल्डर और पुलिस के बीच डील नहीं कराई थी। बिल्डर की भी सीधे डील नहीं हुई थी। इस खेल में एक चर्चित ने अहम भूमिका निभाई है। पुलिस उसे जानती है। वह पुलिस कर्मियों की तैनाती भी करा देता था। एसओ भी उसका खास था। उसने एसओ और एक व्यक्ति के बीच मीटिंग कराई थी। उसने अपने हाथों से किसी को भी एक रुपया नहीं दिया।
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