छावनी परिषद क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने के दौरान होने वाले हंगामों और विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर छावनी बोर्ड ने तय किया है कि पुराने नक्शों के आधार पर अतिक्रमण का सर्वे किया जाएगा। उसी रिपोर्ट के आधार पर ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को बोर्ड की मीटिंग में कई मुद्दे आचार संहिता के कारण अगली बैठक तक के लिए टाल दिए गए।
ब्रिगेडियर और स्टेशन कमांडर प्रशांत श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई छावनी परिषद की बोर्ड बैठक में आचार संहिता के कारण अधिकांश मुद्दों पर चर्चा नहीं की गई। अतिक्रमण का मुद्दा उठा तो तय हुआ कि सदर, शहजादी मंडी, नौलक्खा, लालकुर्ती, गोपीचंद शिवहरे मार्ग, सौदागर लेन आदि जगहों पर 1980 से पहले के नक्शों के आधार पर अतिक्रमण तय किए जाएंगे। पुराने नक्शों को आधार मानते हुए अतिक्रमण को लेकर सर्वे कराए जाएंगे। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद कानूनी और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सीईओ वेंकटरेड्डी, उपाध्यक्ष डा. पंकज महेंद्रू, गैरीसन इंजीनियर कौशलेंद्र कुमार, कर्नल अभय तथा सभासद मौजूद रहे।