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Cancer Alert: हर नाै में से एक व्यक्ति को कैंसर, कैसे दें इस बीमारी को मात? विशेषज्ञ ने बताए बचाव के तरीके

Fri, 07 Aug 2026 05:32 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

मुंह में छाला लंबे समय तक बना रहे और एक महीने में ठीक न हो तो इसकी जांच करानी चाहिए। इसी तरह महिलाओं को ब्रेस्ट में गांठ या किसी अन्य असामान्य बदलाव को लेकर सतर्क रहना चाहिए। 40 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट में गांठ होने का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
 
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डॉ. मानो भदौरिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में गुरुद्वारा गुरु का ताल स्थित अमर उजाला कार्यालय में शुक्रवार को कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मैक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल की वाइस चेयरमैन डॉ. मानो भदौरिया ने कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कैंसर के प्रमुख प्रकार, शुरुआती लक्षण और इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कैंसर का समय पर पता चल जाए तो इलाज के जरिए इसे नियंत्रित करने और ठीक करने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
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डॉ. मानो भदौरिया ने बताया कि कैंसर कई प्रकार का होता है। इनमें महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर आम है। इसके अलावा मुंह, फेफड़े और शरीर के अन्य अंगों में भी कैंसर हो सकता है। उन्होंने बताया कि भारत में करीब हर नौ में से एक व्यक्ति में कैंसर के लक्षण सामने आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की जरूरत है।

चिकित्सक ने कहा कि  शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मुंह में छाला लंबे समय तक बना रहे और एक महीने में ठीक न हो तो इसकी जांच करानी चाहिए। इसी तरह महिलाओं को ब्रेस्ट में गांठ या किसी अन्य असामान्य बदलाव को लेकर सतर्क रहना चाहिए। 40 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट में गांठ होने का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन चिकित्सकीय जांच जरूरी है। वहीं, 40 वर्ष से अधिक उम्र में ब्रेस्ट में गांठ मिलने पर इसकी जांच कराना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह कैंसर का संकेत भी हो सकता है।
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चिकित्सक ने बताया कि नियमित स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय सलाह से बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में की जा सकती है। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर 40 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में नियमित मेमोग्राफी की जरूरत नहीं होती। 40 वर्ष की उम्र के बाद मेमोग्राफी करानी चाहिए। उन्होंने तंबाकू और शराब से दूरी बनाने की सलाह दी। कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, समय पर जांच कराने और शरीर में होने वाले बदलावों को नजरअंदाज न करने से कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।
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