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संस्कृति यूनिवर्सिटी स्कूल-कॉलेजों में सिखा रही योग के जरिए तनाव दूर करने के गुण

Mon, 17 Sep 2018 01:23 PM IST
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Sanskriti university
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संस्कृति यूनिवर्सिटी का लक्ष्य छात्रों को शिक्षा प्रदान कर उन्हें सिर्फ रोजगार प्राप्त करने योग्य बनाना नहीं है। यूपी के उभरते संस्थान संस्कृति यूनिवर्सिटी का मकसद है शिक्षा के जरिए समृद्ध और स्वस्थ समाज का निर्माण। इसी लक्ष्य के साथ संस्कृति यूनिवर्सिटी मथुरा के स्कूल-कॉलेजों में छात्रों को योग के जरिए तनाव दूर करने के गुर सिखा रही है। 

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दरअसल, तनाव मानसिक स्थिति से उपजा विकार है, जो मानसिक स्थिति और परिस्थिति के बीच असंतुलन के कारण पैदा होता है। सच कहें तो तनाव अनेक मनोविकारों का जन्मदाता भी है। इससे मन में अशांति तथा अस्थिर भावना का अनुभव होता है। हम योग के माध्यम से किसी भी तरह के तनाव और विकार दूर कर सकते हैं। संस्कृति यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अश्वनी कुमार सिंह इन दिनों मथुरा जिले के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को योग का महत्व और तनाव से बचने के उपाय बता रहे हैं। प्रोफेसर अश्वनी कुमार योग गुरु भी हैं और पूरी शक्ति के साथ इसका प्रसार कर रहे हैं।   

युवा पीढ़ी के संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास करना ही संस्कृति यूनिवर्सिटी का मूल उद्देश्य है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए इन दिनों संस्थान द्वारा मथुरा जनपद के विभिन्न स्कूल तथा कॉलेजों में योग और तनाव प्रबंधन पर अभियान चलाया जा रहा है। संस्कृति यूनिवर्सिटी के अश्वनी कुमार सिंह अब तक चंदन वन पब्लिक स्कूल, माउंट लिट्रा स्कूल, सिम्बायसिस स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, डॉ. हीरालाल इंटर कालेज, डीएवी इंटर कालेज, आरवीएस बालिका कॉलेज तथा रमन लाल शोरावाल इंटरनेशनल गर्ल्स स्कूल के छात्र-छात्राओं को योग और तनाव प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दे चुके हैं।

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इसी कड़ी में अब योग गुरु डॉ. अश्वनी कुमार सिंह कान्हा माखन पब्लिक स्कूल, बिरला स्कूल, एंजेल पब्लिक स्कूल, सनराइज पब्लिक स्कूल तथा केडी डेंटल कॉलेज के छात्र-छात्राओं को योग की महत्ता तथा मानसिक तनाव से छुटकारा दिलाने के उपाय बताएंगे। डॉ. अश्वनी कुमार सिंह का कहना है कि किसी भी तरह के तनाव से जहां शारीरिक और मानसिक विकास में रुकावट पैदा होती है वहीं इससे कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है। 

योग गुरु अश्वनी कुमार सिंह का कहना है कि जब मस्तिष्क को पूरा आराम नहीं मिल पाता और हमेशा एक दबाव बना रहता है, ऐसी स्थिति में तनाव जन्म ले लेता है। तनाव से शारीरिक और मानसिक नुकसान होता है। तनाव हार्ट रेट में वृद्धि का कारण बनने के साथ रक्तचाप भी बढ़ा देता है। 

योग गुरु का कहना है कि समय का सही उपयोग कर तनाव को दूर किया जा सकता है। समय प्रबंधन से हम काम को बेहतर तरीके से निपटा सकते हैं। योग क्रिया जहां तनाव को कम करने में मददगार होती है, वहीं इससे अच्छी नींद में भी मदद मिलती है। योग चिंता को न्यूनतम करने में भी मददगार है। डॉ. सिंह का कहना है कि छात्र-छात्राएं अपनी गतिविधियों और महत्वपूर्ण कामों की योजना बनाने के साथ यदि यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करें तो उन्हें सफलता हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता।

कुलपति डॉक्टर राणा सिंह का कहना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान का उद्देश्य युवा पीढ़ी को शिक्षित करने के साथ ही समाज कल्याण का भी होना चाहिए। संस्कृति यूनिवर्सिटी जनपद मथुरा ही नहीं उसके आसपास के जिलों के स्कूल-कालेजों में भी छात्र-छात्राओं को योग और तनाव से बचने के उपाय सुझाएगी। संस्कृति यूनिवर्सिटी के इन प्रयासों से छात्र-छात्राओं के मन से जहां पढ़ाई का डर दूर होगा वहीं उन्हें निरोगी रहने में भी मदद मिलेगी।

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