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UP: एक सर्जरी के बाद बंद हुई बाईपास सुविधा, धूल फांक रही दो करोड़ की हार्ट-लंग मशीन; ऑपरेशन के इंतजार में मरीज

Tue, 18 Aug 2026 09:20 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

एसएन मेडिकल कॉलेज में दो करोड़ रुपये की हार्ट एंड लंग मशीन चार महीने से बंद पड़ी है, क्योंकि परफ्यूजनिस्ट और तकनीकी स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी। सिर्फ एक बाईपास सर्जरी के बाद सुविधा ठप होने से 30 मरीज ऑपरेशन के इंतजार में हैं और नए पंजीकरण भी बंद कर दिए गए हैं।
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एसएन के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में सीटीवीएस विभाग में लगी हार्ट एंड लंग मशीन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में हृदय की बाईपास सर्जरी के लिए दो करोड़ की कीमत से खरीदी गई हार्ट एंड लंग मशीन चार महीने से ठप पड़ी है। परफ्यूजनिस्ट और तकनीकी स्टाफ न होने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। इससे मरीज परेशान हैं।
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एसएन के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में हृदय की बाईपास सर्जरी की व्यवस्था की गई है। चार महीने पहले कॉलेज के 172 साल के इतिहास में पहली बार चिकित्सकों ने धड़कते हृदय के बीच बाईपास सर्जरी की थी। परफ्यूजनिस्ट की तैनाती न होने के कारण हार्ट एंड लंग मशीन होने के बावजूद इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सका। ओपन हार्ट सर्जरी में अधिक खतरे को देखते हुए दूसरा ऑपरेशन नहीं हुआ।
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सर्जरी के लिए शुरू में 30 मरीजों के बाद नए पंजीकरण भी बंद कर दिए गए। जरूरतमंद मरीज निजी अस्पतालों में सर्जरी कराने को मजबूर हैं। एसएन में सुविधा शुरू होने से आगरा समेत आसपास के कई जिलों के हृदय रोगियों को राहत मिलेगी। आयुष्मान योजना, असाध्य रोग योजना और बीपीएल कार्डधारकों के लिए निशुल्क और अन्य मरीजों के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये फीस है। निजी अस्पताल में इसका खर्च तीन से साढ़े चार लाख रुपये आता है।


अगले महीने शुरू हो जाएगी सेवा
परफ्यूजनिस्ट और स्टाफ की नियुक्ति में देरी के कारण सर्जरी नहीं हो सकीं। फिलहाल सभी का एसजीपीजीआई में प्रशिक्षण चल रहा है। अगले महीने से सेवा शुरू हो जाएगी। - डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज

सिर्फ एक सर्जरी के बाद ठप हुई सुविधा
इंटीग्रेटेड प्लान के तहत एसएन को मिनी एम्स की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इसमें करीब 1200 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। 17 अप्रैल 2026 को बाईपास सर्जरी की सुविधा शुरू होने पर उच्च शिक्षामंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने चिकित्सकीय टीम को सम्मानित किया था। इसके बाद यह सुविधा बंद हो गई। मंत्री ने भी दोबारा सुध नहीं ली। उच्च शिक्षामंत्री का कहना है कि परफ्यूजनिस्ट की नियुक्ति के लिए शासन स्तर से मंजूरी दिलवा दी है। नियुक्ति भी हो चुकी है।
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परफ्यूजनिस्ट की ये है भूमिका
परफ्यूजनिस्ट हार्ट एंड लंग मशीन को संचालित करता है। सर्जरी के समय हृदय की धड़कन को रोकना पड़ता है। इस दौरान हृदय का कार्य हार्ट एंड लंग मशीन करती है। यही पूरे शरीर को रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति करती है। ऐसे में परफ्यूजनिस्ट का काम बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

 
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