आगरा। आगरा में मेट्रो परियोजना अगले साल दिसंबर तक पूरी हो जाएगी। शहर के 30 किमी में लोग मेट्रो से सफर कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने कॉरिडोर में चार चरणों में चल रहे कार्य को तेज कर दिया है। सरकार भी निर्माण पर नजर रखते हुए हर सप्ताह कार्य की रिपोर्ट तलब कर रही है।
पहले कॉरिडोर मन:कामेश्वर से आरबीएस तक इसी साल दिसंबर तक मेट्रो चलने लगेगी। अगले महीने से बैरिकेडिंग हटा दी जाएगी। एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी और आरबीएस कॉलेज स्टेशन भूमिगत हैं और इनका सिविल कार्य अंतिम दौर पर है। इसका अगला स्टेशन आईएसबीटी भी इन्हीं के साथ तैयार किया जा रहा है।
गुरुद्वारा गुरु का ताल और सिकंदरा स्टेशन तक अगले साल मार्च तक मेट्रो चलने लगेगी। पहले कॉरिडोर में 13 स्टेशन हैं और कुल दूरी 14 किमी से अधिक है। दूसरे कॉरिडोर में आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक कार्य चल रहा है। आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक अगले साल जून तक मेट्रो चलने लगेगी।
सेंट जोंस चौराहा से कालिंदी विहार तक 2026 दिसंबर में कार्य पूरा हो जाएगा। ये एलिवेटेड ट्रैक है, इसमें 14 स्टेशन हैं और इसकी दूरी करीब 16 किमी है। इन सभी पर मेट्रो ट्रेनों का 10-20 किमी प्रति घंटे की गति से दो से तीन सप्ताह तक ट्रायल कर मेट्रो चलने लगेगी। इस तरह से 15 महीने में लोग 30 किमी तक का सफर मेट्रो ट्रेनों से कर सकेंगे। इससे लोगों को जाम से निजात मिलेगा।
दिसंबर 2026 तक पूरा करना लक्ष्य
- दो कॉरिडोर में करीब 30 किमी क्षेत्र में मेट्रो ट्रेन चलेगी। अगले साल दिसंबर तक परियोजना पूरी कर लेने का लक्ष्य है। इसके लिए कार्य तेज करते हुए मशीनें और स्टाफ की संख्या बढ़ा दी हैं। इसी साल दिसंबर तक पहले काॅरिडोर में आरबीएस स्टेशन तक मेट्रो चलेगी। अगले साल जून तक पहला कॉरिडोर और आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक ट्रैक पूरा हो जाएगा।
विधानसभा चुनाव का रख रहे ध्यान
- 2027 में प्रदेश में चुनाव भी होने हैं। इस वजह से भी कार्य तेज किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि चुनाव से पहले आगरा में मेट्रो परियोजना पूरी हो जाए, जिससे जनता को लाभ मिले।