कासगंज। राज्य कर विभाग की एसआईवी टीम ने जिले में संचालित दो फर्जी फर्माें का भंडाफोड़ किया है। यह दोनों फर्में गलत पते दर्शाकर संचालित की जा रहीं हैं। फर्माें के द्वार प्रपत्रों के आधार पर संव्यवहार किया जा रहा था। दोनों फर्म के संचालकों ने फर्जी ईवे बिल जारी करके करोड़ों रुपये की फर्जी बोगस आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) हड़प ली है। एसआईवी अलीगढ़ की टीम के अधिकारियों ने इन फर्माें के पते पर पहुंचकर जानकारी जुटाई, लेकिन यह फर्में संचालित नहीं पाई गईं। एक फर्म संचालक के खिलाफ सदर कोतवाली में मामला दर्ज हुआ तो दूसरे फर्म संचालक के खिलाफ सहावर कोतवाली में मामला दर्ज हुआ है। सदर कोतवाली में पश्चिम बंगाल के रहने वाले करीन यादव निवासी हावड़ा एवं रूण्डी यादव निवासी कोलकाता के विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया है। दोनों आरोपियों ने सम्राट इंडस्ट्रीज सुंदरनगर कासगंज के पते पर पार्टनरशिप फर्म बनाई थी। इस फर्म ने बिना कोई खरीद किए 104653140 रुपये के ई वे बिल जारी करते हुए 18837565 रुपये की बोगश आईटीसी हड़प ली। करोड़ों रुपये की आईटीसी के मामले पर विभाग को संदेह हुआ और एसआईवी अलीगढ़ की ज्वाइंट कमिश्नर रश्मि सिंह राजपूत ने जीएसटी अधिकारियों की टीम गठित कर जांच शुरू कराई। मौके पर फर्म संचालित नहीं पाई गई।वहीं दूसरा मामला सहावर कोतवाली में दर्ज किया गया। यहां करन कुमार ने आईसीआईसी बैंक रोड बनुपुर सहावर कासगंज के नाम पर केके इस्पात उद्योग का पंजीयन प्राप्त किया। माह जून व जुलाई में 110954684 रुपये के ई वे बिल जारी करते हुए 20364186 की बोगश आईटीसी हड़प ली थी। इस फर्म की भी जांच बनुपुरा पहुंचकर एसआईवी अलीगढ़ की टीम ने की, लेकिन पंजीयन से जुड़ी सभी सूचनाएं फर्जी पाई गईं और फर्म संचालित नहीं थी। एसआईवी अलीगढ़ के जीएसटी अधिकारी चरनजीत सिंह ने दोनों एफआईआर थानों में दर्ज कराई हैं। ज्वाइंट कमिश्नर एसआईवी रश्मि सिंह राजपूत ने बताया कि शून्य खरीद पर फर्मों ने करोड़ों रुपये की बिक्री की और बोगश आईटीसी हड़प ली।
क्या है इनपुट टैक्स क्रेडिट : जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट की व्यवस्था स्थापित की गई है। इनपुट टैक्स क्रेडिट व्यापारी द्वारा ख़रीद पर दिया गया टैक्स होता है जो व्यापारी द्वारा बिक्री करते समय टैक्स के रूप में समायोजन किया जाता है।