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आगरा को 'भारत की पर्यटन राजधानी' बनाने की मुहिम शुरू, जानिए क्या हैं लोगों की मांगें

Tue, 05 Mar 2019 01:48 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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Taj Mahal
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मुगलिया सल्तनत की राजधानी रहा आगरा विदेशी सैलानियों के लिए न केवल सांस्कृतिक विरासत का शहर है, बल्कि ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी के जरिए वास्तुकला के लिए दुनिया भर में चर्चित है। 

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ताजमहल देश के पर्यटन का आइना रहा है और अघोषित रूप से देश की पर्यटन राजधानी भी है, लेकिन अब आगरा को हेरिटेज सिटी की तर्ज पर ‘भारत की पर्यटन राजधानी’ घोषित कराने की मुहिम शुरू हो रही है। शहर की औद्योगिक और पर्यटन संस्थाएं मिलकर इस मुहिम को धार देंगी और प्रदेश तथा केंद्र सरकार तक इस मांग को पहुंचाएंगी। 

आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चरर्स एक्सपोर्टर चेंबर के अध्यक्ष पूरन डावर ने आगरा को टूरिज्म कैपिटल ऑफ इंडिया बनाने की मुहिम छेड़ी है। उनके साथ पर्यटन और औद्योगिक संस्थाएं खड़ी हैं। पूरन डावर के मुताबिक आगरा के पर्यटन विकास को वह मुकाम नहीं मिल पाया, जिसका वह हकदार है। 
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जिस तरह दिल्ली का विकास एनसीआर बोर्ड बनाकर हुआ है, ठीक वैसे ही आगरा और उसके आसपास मथुरा को मिलाकर टूरिज्म कैपिटल ऑफ इंडिया रीजन बनाया जाए। उसी के अनुरूप लघु और दीर्घकालीन योजनाएं बनाई जाएं, जिसका सरकारों के आने-जाने से कोई असर न पड़े।

आगरा क्यों हैं टूरिज्म कैपिटल ऑफ इंडिया

मुगल बादशाह बाबर से लेकर औरंगजेब तक आगरा मुगलिया सल्तनत का सबसे ताकतवर शहर बना रहा। यह मुगलिया दौर में राजधानी भी रहा। मुगल शहंशाहों ने जो इमारतें बनवाईं, उनमें आगरा में तीन धरोहरें ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी को यूनेस्को ने विश्व धरोहर का दर्जा दिया है, जबकि अकबर का मकबरा, सिकंदरा और एत्माद्दौला का मकबरा विश्व धरोहर के लिए कतार में है। 

इसके साथ 199 स्मारक आगरा में एएसआई से संरक्षित हैं, जिनमें रामबाग, महताब बाग, मरियम का मकबरा, चीनी का रोजा आदि शामिल है। मुगलिया से लेकर ब्रिटिश राज तक बने 15 से ज्यादा चर्च यहां अपनी विशेष वास्तु के लिए भी जाने जाते हैं। केवल सांस्कृतिक धरोहर ही नहीं, बल्कि ईको टूरिज्म के क्षेत्र में भी आगरा कीठम और चंबल सेंक्चुरी के लिए प्रसिद्ध है। 

एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि हम अलग अलग मांग करने की जगह एक साथ आगरा को टूरिज्म कैपिटल घोषित करने की मांग करेंगे तो एक साथ कई मांगें पूरी हो जाएंगी। हम सभी संस्थाओं के साथ बैठक करने वाले हैं। उससे पहले इस मुहिम के प्रचार के लिए लोगों और प्रचार सामग्री तैयार कराई जा रही है। 
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'आगरा की होती रही उपेक्षा'

आईटो के सदस्य सुनील गुप्ता ने कहा कि पर्यटन को केंद्र में रखकर ही शहर और इस क्षेत्र का विकास करना होगा। पर्यटन सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला क्षेत्र है, लेकिन इसकी उपेक्षा होती रही है। सरकारें पर्यटन के लिए आगे आएं, इसलिए हम सभी इस मुहिम के साथ हैं। 

होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने कहा कि हम दस साल से पर्यटन विकास परिषद या अलग से बोर्ड बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकारें बदलती रहीं। हमारी मांग पर सोचा तक नहीं गया। केंद्र और राज्य सरकारों के लिए पर्यटन विकास कभी मुद्दा ही नहीं रहा। 

होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा ने कहा कि मथुरा के लिए तीर्थ विकास परिषद का गठन हो सकता है तो आगरा को भी पर्यटन राजधानी बनाया जाए। हम शुरू से ऐसी मांग कर रहे हैं। टूरिज्म कैपिटल के रूप में आगरा की विकास योजनाओं पर पर्यटन का असर नजर आएगा।
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