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UP: एआई से वित्त मंत्री का बनाया वीडियो...फिर मुनाफे का दिया ऐसा लालच, व्यापारी ने गंवा दिए 26 लाख रुपये

Wed, 31 Dec 2025 09:33 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

व्यापारी की ठगों से व्हाट्सएप पर बात हुई। ठग ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताया और 20 हजार रुपये यूपीआई के जरिये जमा कराकर रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद कई बार में रुपये जमा कराए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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फेसबुक पर एआई से बने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के वीडियो से फर्जी कंपनी का प्रचार कर साइबर अपराधियों ने शाहगंज के अर्जुन नगर निवासी विशाल कुमार को जाल में फंसा लिया। विदेशी ट्रेडिंग कंपनी में निवेश पर कई गुना मुनाफा का लालच देकर कई खातों में 26.42 लाख रुपये जमा कराकर हड़प लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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शाहगंज के अर्जुन नगर, दशरथ कुंज निवासी विशाल कुमार ने बताया कि वह व्यापारी हैं। उन्होंने 19 मई को फेसबुक पर विज्ञापन देखा। उसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एक वीडियो था। विदेशी ट्रेडिंग कंपनी नाका सॉल्यूशन में निवेश पर मोटे मुनाफे का लालच दिया गया। लिंक पर क्लिक करने पर पहले एक नंबर से व्हाट्सएप पर बात हुई। उसने खुद को कंपनी का अधिकारी बताया और 20 हजार रुपये यूपीआई के जरिये जमा कराकर रजिस्ट्रेशन कराया।

इसके बाद अलग-अलग स्कीम बताकर 19 जून से 17 सितंबर तक विभिन्न खातों में 26.42 लाख जमा करा लिए। कुछ दिन बाद जरूरत पड़ने पर उन्होंने मुनाफे की रकम निकालनी चाही तो टैक्स जमा करने पर रकम निकासी होने की जानकारी दी गई। अपनी ही रकम निकालने में टैक्स की बात कही जाने पर उन्हें शक हुआ। उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
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ज्यादा मुनाफे की बात हो तो न करें भरोसा
एडीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर किसी का भी फेक वीडियो बनाया जा सकता है। भारत के किसी प्रतिष्ठित पद पर बैठा व्यक्ति किसी विदेशी कंपनी का प्रचार नहीं कर सकता है। साइबर अपराधी निजी जानकारी लेकर या मुनाफे का लालच देकर ठगी करते हैं। कोई व्यक्ति अगर जरूरत से ज्यादा मुनाफे का लालच दे रहा है तो उस पर भरोसा नहीं करें। साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूक रहना जरूरी है।
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