25 दिन पहले वाल्व के लिए खोदा गया गड्ढा
बस के गिरने के बाद सुबह पीपल मंडी के पार्षद रवि बिहारी माथुर सबसे पहले पहुंचे। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी कंपनी ने वाल्व के लिए यह गहरा गड्ढा 25 दिन पहले खोदा था। अब तक इसका काम पूरा करके गड्ढा भरा नहीं, जबकि सोमवार को ही बल्केश्वर मंदिर की परिक्रमा में लाखों युवक इस गड्ढे के पास से निकले थे।
मोतीगंज के पार्षद राकेश जैन ने कहा कि स्मार्ट सिटी कंपनी की लापरवाही पर कार्रवाई की जाए। कंपनी के कर्मचारी बस चालक की गलती बताने में लगे हैं, पर वह गड्ढे की खोदाई और बेरीकेडिंग की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। सीईओ कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
शहर में 40 से ज्यादा जानलेवा गड्ढे
तोता का ताल में खोदे गए गड्ढे में बच्चे की मौत के मामले के बाद नगर निगम ने शहर के चारों जोन में गड्ढों का सर्वे कराया था, जिनमें शहर की सड़कों पर 96 बड़े गड्ढे पाए गए थे। इनमें दो दिन के अंदर भरने केलिए निगम ने समय दिया, लेकिन अब भी जलनिगम, स्मार्ट सिटी, टेलीकॉम कंपनियों, ग्रीन गैस आदि ने 40 से ज्यादा गहरे गड्ढों को खोद रखा है।
इनमें आवास विकास कॉलोनी में पदम प्लाजा रोड पर जलनिगम ने एक माह से गड्ढा खोद रखा है, पर कनेक्शन नहीं किया। इसमें दो बार ट्रक फंस चुके हैं, वहीं ताजनगरी, फतेहाबाद रोड, मारुति एस्टेट, बोदला रोड पर गहरे गड्ढे हैं। मानसून की बारिश मेंजलभराव के दौरान यह गड्ढे जानलेवा साबित हो सकते हैं।