कासगंज। शासन की ओर से कॉमर्शियल बसों के लिए टैक्स में राहत देने को परमिट सरेंडर करने की व्यवस्था लागू करने के बाद रोडवेज ने अपनी 15 बस के परमिट सरेंडर कर दिए हैं। ताकि इन बसों पर लगने वाले टैक्स को बचाया जा सके।
1 जून से अनलॉक-1 में बसों का संचालन दोबारा शुरू किया गया। लेकिन बसों में अपेक्षाकृत सवारियां नहीं निकली। वर्ष 2019 में जून माह में रोडवेज की बसों में 3 लाख 61 हजार सात सौ सवारियों ने सफर किया था। लेकिन वर्ष 2020 में 1 लाख 26 हजार 641 सवारियों ने ही बसों में यात्रा की।
इसी के चलते बसों की संख्या भी कम कर दी गई। 15 बस में तो संचालित ही नहीं हो पाई। इससे इन बसों पर लगने वाले 24 हजार रुपये के टैक्स को बचाने के लिए विभाग ने परमिट सरेंडर कर दिए। अब विभाग यात्रियों की स्थिति में सुधार होने पर ही बसों की संख्या को रोड पर बढ़ाएगा
इस समय यात्रियों की संख्या काफी कम है। इससे सभी बसों का संचालन नहीं हो पा रहा था 15 बसें खड़ी हुई थीं। इन पर लगने वाले टैक्स को बचाने के लिए परमिट सरेंडर किया गया है। -बृजेश कुमार, डिपो प्रभारी