आगरा में बस हाईजैक: बस के चालक और परिचालक
- फोटो : अमर उजाला
मलपुरा न्यू दक्षिणी बाईपास पर स्थित थाना अछनेरा के रायभा टोल प्लाजा से मंगलवार की रात सवारियों से भरी बस बदमाश खुद को फाइनेंसकर्मी बताकर हाइजैक कर ले गए। बदमाशों ने चालक, परिचालक और हेल्पर को अपनी कार में बैठा लिया। बाद में उन्हें कुबेरपुर पर उतार दिया।
चालक और परिचालक ने बुधवार सुबह थाना मलपुरा पहुंचकर घटना की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद दहड़कंप मच गया। मौके पर एसएसपी बबलू कुमार और अन्य पुलिस अफसर पहुंचे और जानकारी ली। एसएसपी ने बस की खोज के लिए पुलिस की टीमों का गठन किया।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी चालक रमेश, परिचालक रामविलास और हेल्पर भूरा कल्पना ट्रेवल्स की बस चलाते हैं। बताया कि मंगलवार को बस में 34 सवारियां लेकर हरियाणा के गुरुग्राम से मध्यप्रदेश के पन्ना जा रहे थे।
अछनेरा क्षेत्र के न्यू दक्षिणी बाईपास पर स्थित रायभा टोल प्लाजा पर कार सवार नौ बदमाशों ने बस को रोक लिया। सभी मुंह पर मास्क लगाए हुए थे। बदमाशों ने बस स्टाफ के मोबाइल छीन लिए। इसके बाद खुद को फाइनेंसकर्मी बताकर सवारियों समेत बस लेकर चले गए।
बस स्टाफ को अपनी कार में बैठा लिया। बदमाश बस लेकर ग्वालियर हाईवे के रास्ते सैंया होते हुए फतेहाबाद से एत्मादपुर के कुबेरपुर पहुंचे। चालक के मुताबिक वहां उन्होंने एक ढाबे पर खाना खाया और उसे भी खिलाया। जिसके बाद उन्होंने सभी सवारियों के किराये के रुपये वापस करा दिए। बस स्टाफ के मोबाइल फोन देकर उन्हें वहीं छोड़ दिया और सवारियों से भरी बस लेकर चले गए। सुबह आठ बजे चालक रमेश, कंडक्टर और हेल्पर के साथ मलपुरा थाने पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी।
बस हाइजैक की जानकारी मिलते ही एसएसपी बबलू कुमार, एसपी ग्रामीण रविकुमार, एएसपी सौरभ दीक्षित, क्षेत्राधिकारी अछनेरा वीएस वीर कुमार, क्राइंम ब्रांच प्रभारी कमलेश सिंह, एसओजी प्रभारी भी मलपुरा थाना पहुंचे। एसएसपी ने चालक से पूछताछ की और बस की सवारियों की खोज के लिए टीमें गठित कीं। पहले बस के झांसी पहुंचने की बात सामने आई लेकिन बाद में इसे बुधवार दोपहर बस इटावा से बरामद की गई।
रिश्तेदारों ने बताया इसे साजिश
आगरा से हाइजैक हुई बस की खोजबीन करते हुए झांसी पहुंचे बस मालिक के रिश्तेदारों का दावा था कि बस फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी नहीं ले गए। झांसी निवासी बस मालिक के रिश्तेदार गगन का आरोप था कि बस हाइजैक होने के पीछे बड़ी साजिश है। रिश्तेदार खोजबीन करते हुए झांसी आये थे। यहां पर उन्होंने एसएसपी व डीएम से भी मुलाकात की थी।