मलपुरा में बस को हाईजैक करने का आरोपी प्रदीप गुप्ता उर्फ गुड्डा इटावा में जेल जा चुका है। उसने फर्जीवाड़ा किया था। उसके खिलाफ बस हाईजैक करने के मामले में डकैती, अपहरण सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया है।
बस के आगे अचानक दो कारें खड़ी हो गईं। ड्राइवर ने तेजी से ब्रेक लगाए। हम डर गए। तभी पांच - छह लोग अंदर आए। बोले, ड्राइवर, कंडक्टर और हेल्पर नीचे उतर जाओ, सवारियां चुपचाप बैठीं रहें, उन्हें हम कुछ नहीं कहेंगे। हमें लगा कि हमारे साथ लूटपाट होगी, सभी सवारियां डर गई थीं।
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आगरा पुलिस ने फोन करके छतरपुर के नौगांव में बस को रुकवा लिया था। वहां की पुलिस ने सवारियों से बातचीत की। वहां की पुलिस ने इसकी जानकारी आगरा पुलिस को दी है। बस में सवार रहे रामकरण कुशवाहा ने बताया कि हमें लगा था कि लुटेरों ने बस रोकी है। इसके बाद बस को हाईजैक कर लिया गया। उन लोगों ने सवारियों से सिर्फ इतना कहा कि आपको दूसरी बस से घर जाना होगा। थोड़ी देर बाद बस से उतार दिया। वहां और बसें जा रहीं थी। उनमें सवार हो गए। तीन बसें बदलकर पन्ना पहुंचे।
प्रेमवती ने बताया कि उन्होंने बच्चे को सीने से लगा लिया था। डर था कि जेवरात लूट लिए जाएंगे। जब तक दूसरी बस में सवार नहीं हो गए, हम डरे रहे। इसके बाद तीन बसें बदलने में बड़ी परेशानी हुई। रज्जन देवी ने बताया कि गनीमत रही कि लूटपाट नहीं की गई।
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पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
ढाबे पर खाना भी खाया
पुलिस की पूछताछ में परिचालक ने बताया कि आरोपियों ने कुबेरपुर ले जाकर बालाजी ढाबा पर खाना खाया। इस दौरान कहा कि वह रिकवरी की रसीद देंगे। मगर, बिना रसीद दिए हुए ही चले गए। पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।
फर्जी आरटीओ बनकर चेकिंग करता था प्रदीप, इटावा में जेल जा चुका है
मलपुरा में बस को हाईजैक करने का आरोपी प्रदीप गुप्ता उर्फ गुड्डा इटावा में जेल जा चुका है। उसने फर्जीवाड़ा किया था। उसके खिलाफ बस हाईजैक करने के मामले में डकैती, अपहरण सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया है। गुरुवार सुबह पुलिस ने उसे मुठभेड़ में पकड़ा है।
पुलिस ने बताया कि कल्पना ट्रेवल के संचालक और बस मालिक पवन अरोरा ने बताया कि प्रदीप गुप्ता से विवाद चल रहा है। कुछ दिन पूर्व प्रदीप गुप्ता घर आया था। वह धमकी देकर आया था। प्रदीप गुप्ता आरटीओ ऑफिस इटावा में दलाल है। इस पर इटावा पुलिस से संपर्क किया गया। इसमें पता चला कि प्रदीप गुप्ता ट्रांसपोर्ट कंपनियों का पंजीकरण कराने का काम करता है। वर्ष 2018 में वह फर्जी आरटीओ बनने के मामले में जेल भेजा गया था। उसके खिलाफ थाना सिविल लाइंस मे धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने की धारा में मुकदमा दर्ज है।
आगरा में बस हाईजैक: बस के चालक और परिचालक
- फोटो : अमर उजाला
पांच लोगों ने हाईजैक की बस
बस हाईजैक करने के मामले में मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी रामविशाल पटेल ने मुकदमा दर्ज कराया है। उसने कहा कि दो कार सवार पांच लोगों ने बस को हाईजैक कर लिया। राम विशाल के अलावा चालक और हेल्पर को कार में डाल लिया। अपहरण करके ले गए। उससे 23600 रुपये छीन लिए। कहा कि आठ महीने की किश्त नहीं भरी है। मालिक फोन नहीं उठा रहा है। बस को फाइनेंसर के पास ले जा रहे हैं। इसके बाद बस को ले गए। इस मामले में डकैती, अपहरण, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फोन पर सवारी से की बात
ट्रेवल एजेंसी सवारियों को बैठाने से पहले रसीद काटती है। इस पर सवारियों के मोबाइल नंबर लिखे जाते हैं। इसमें एक सवारी धर्मेंद्र चतुर्वेदी का मोबाइल नंबर मिल गया। पुलिस ने उससे बात की। उसने बताया कि बस में लोग सुरक्षित है। झांसी से आगे जा रहे हैं। इस पर पुलिस ने झांसी, महोबा, छतरपुर पुलिस को जानकारी दी। इस पर बस को नौगांव, छतरपुर में रोक लिया गया।
ट्रेवल कंपनी के मालिक के पिता की कोरोना से हुई थी मौत
ट्रेवल मालिक पवन अरोरा के पिता की सोमवार को कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई थी। परिवार में शोक का माहौल है। इसी बीच यह खबर आई।
बबलू कुमार, एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
बाह की सीमा से दो किमी दूर लखेरेकुआं चौकी के समीप खड़ी मिली बस
मलपुरा क्षेत्र से 34 सवारियों समेत हाईजैक हुई बस इटावा के बलरई थाने की लखेरेकुआं पुलिस चौकी से करीब 100 गज दूर ढाबे पर खड़ी मिली। लखेरेकुआं चौकी की सीमा चित्राहाट थाने के कचौराघाट गांव से लगती है।
कचौराघाट पुल से लखेरेकुआ चौकी की दूरी महज 2 किमी है। बस मिलने के बाद आगरा जिले की पुलिस चित्राहाट की ओर दौड पड़ी। इससे पहले कचौराघाट और चित्राहाट में दिनभर वाहन चेकिंग की गई। वहीं बस खड़ी कर बदमाश किस रास्ते से होकर भागे, पुलिस इसकी जानकारी जुटाने में लगी है।
34 यात्रियों को किराया देकर किया झांसी रवाना
आगरा पुलिस से संपर्क के बाद पता चला कि बस में गुरुग्राम से झांसी के लिए 34 यात्री सवार हुए थे। बस को आगरा के पास ही रोकने के बाद झांसी के 34 यात्रियों को उतारकर दूसरी बस में बैठाया गया था। इसके साथ ही किराया भी वापस कर दिया गया था। कुछ यात्री छतरपुर के भी थे। उनको छतरपुर छोड़ा गया था।
फुटेज में नजर आया गुड्डा
एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों से बस के पीछे चल रही काले रंग की एसयूवी की जानकारी मिली। फुटेज में प्रदीप गुप्ता उर्फ गुड्डा ही एसयूवी की ड्राइविंग सीट पर नजर आया। इस आधार पर छानबीन करने पर मामले का खुलासा हुआ। हाईजैक बस की सवारियां आगरा पुलिस को सुरक्षित मिल गईं हैं। - रामयश सिंह, एएसपी सिटी, इटावा