कासगंज। पराली प्रबंधन पर जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। जिला स्तर पर एडीएम दिग्विजय प्रताप सिंह नोडल अधिकारी होंगे। पराली जलाने पर निगरानी के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम एवं विकासखंड स्तर पर बीडीओ को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इसके साथ सैटेलाइट से निगरानी की जा रही है। पराली जलाने वालों के खिलाफ पांच से 30 हजार रुपये तक जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।जिलाधिकारी ने कहा कि किसान पराली को जैविक खाद के रूप में परिवर्तित कर सकते हैं। इसके लिए कृषि यंत्रों पर 50 फीसदी का अनुदान दिया जा रहा है। भट्टा संचालक भी पराली का प्रयोग न करें। उपकृषि निदेशक महेंद्र सिंह एवं जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश ने कहा कि विभागीय कर्मियों के माध्यम से जनमानस को पराली न जलाने के लिए जागरूक कर रहे हैं। पराली जलाने पर दो एकड़ भूमि पर पांच हजार, दो से पांच एकड़ तक दस हजार और पांच एकड़ से अधिक पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। जिला पशु चिकित्सा अधिकारी को जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गोशालाओं में पराली अधिक से अधिक एकत्रित की जाए। जिससे गायों को पौष्टिक चारा मिल सके। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार, उपजिलाधिकारी संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।