मैनपुरी। जिला अस्पताल परिसर में जलने वाले मरीजों के उपचार के लिए बर्न हॉस्पिटल बनाया गया था। छह महीने पहले पर्यटन मंत्री ने बर्न हॉस्पिटल का उद्घाटन कर मरीजों को भर्ती कराना शुरू कर दिया था। लेकिन आज तक यहां डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी है। इससे बर्न हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। प्लास्टिक सर्जरी की तो बात कौन कहें, भर्ती मरीजों को उचित उपचार तक नहीं मिल पा रहा है।
जिले की स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे चल रही हैं। स्वास्थ्य भवनों के लोकार्पण और उद्घाटन तो कर दिए जाते हैं, लेकिन चिकित्सक और स्टाफ की तैनाती कब होगी ये किसी को नहीं पता। जिला अस्पताल कैंपस में बने बर्न हॉस्पिटल एवं प्लास्टिक सर्जरी केंद्र का 11 जून 2022 को यहां पहुंचे पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने उद्घाटन कर संचालन शुरू करा दिया था। उन्होंने कहा था कि एक महीने में यहां डॉक्टर और स्टाफ की व्यवस्था हो जाएगी। तब लोगों को लगा था कि अब जलने वाले मरीजों को मैनपुरी में ही निशुल्क बेहतर उपचार मिल सकेगा। छह महीने में भी स्टाफ की तैनाती न होने से अब लोगों की उम्मीदें भी टूटने लगी हैं। यहां आने वाले मरीजों को या तो रेफर कर दिया जाता है या फिर मरीज के परिजन उसे खुद ही ले जाते हैं।
जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार बर्न हॉस्पिटल में पिछले एक महीने में 25 मरीज भर्ती कराए गए, जिनमें से 17 मरीजों को रेफर कर दिया गया। 17 में से 15 मरीज ऐसे थे जिन्हें यहां भर्ती कर ही ठीक किया जा सकता था। डॉक्टर की उपलब्धता न होने के कारण इन्हें रेफर कर दिया गया।
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237.87 लाख की लागत से कराया गया था निर्माण
जिला अस्पताल में 237.87 लाख की धनराशि खर्च कर वर्ष 2018 में बर्न हॉस्पिटल की स्थापना कराई गई थी। वर्ष 2021 में ही हॉस्पिटल बनकर तैयार हो चुका था। हॉस्पिटल को उद्घाटन कर यहां मरीजों को भर्ती करने का कार्य भी शुरू कर दिया लेकिन चिकित्सक और स्टाफ की तैनाती न होने के कारण यहां भर्ती मरीजों का उपचार रामभरोसे चल रहा है।
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भर्ती होने के साथ ही रेफर कर दिए जाते मरीज
बर्न हॉस्पिटल के लिए किसी भी डॉक्टर की तैनाती नहीं है। यहां एक मरीजों की देखभाल के लिए एक स्टाफनस और दो चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों की तैनाती जिला अस्पताल से की गई है। डॉक्टर की उपलब्धता न होने के कारण 40 से 50 प्रतिशत जलने की अवस्था में भी मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। जबकि हॉस्पिटल की स्थापना के समय लोगों को उम्मीद थी कि यहां अब मरीजों को उचित उपचार मिल सकेगा।
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इमरजेंसी से हो रही मरीजों की देखभाल
बर्न हॉस्पिटल की देख रेख जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात ईएमओ की देख रेख में की जा रही है। इमरजेंसी से बर्न हॉस्पिटल की दूरी करीब 500 मीटर है। और इमरजेंसी में एक ही ईएमओ की तैनाती होती है। जो यहां आने वाले मरीजों को ही देख पाता है। यदि वह 500 मीटर दूर स्थित बर्न हॉस्पिटल जाएगा तो यहां इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की जान पर बन आती है।
बर्न हॉस्पिटल के लिए डॉक्टर और स्टाफ के साथ ही सर्जरी से संबंधित जरूरी सामान की मांग विभाग से की गई है। जैसे ही डॉक्टर उपलब्ध होता है वैसे ही उसकी तैनाती कर दी जाएगी। फिलहाल यहां आने वाले मरीजों को जिला अस्पताल के ईएमओ की मदद से उपचार दिलाया जा रहा है।
डॉ. पीपी सिंह सीएमओ