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सराफा व्यापारियों ने बेचा रु. 50/किलो ‘मोदी आलू’

Thu, 10 Mar 2016 05:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
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एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सराफा व्यापारियों ने सब्जी बेचकर किया प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सोने की चमक और उसके कैरेट बताने वाले व्यापारी बुधवार को सब्जी बेचते नजर आए। बजट में आभूषणों पर लगाई गई एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ आंदोलन के आठवें दिन किनारी बाजार तिराहे पर सब्जी का स्टॉल लगाकर व्यापारियों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया।
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व्यापारियों ने 50 रुपये/ किलो मोदी आलू, 60 रुपये/किलो जेटली गोभी और मटर 80 रुपये/किलो में बेची। विरोध के इस अजब तरीके में सब्जी के लिए पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया, वहीं विपक्षी दलों के लिए हर सब्जी पांच रुपये किलो में बेचकर टैक्स लगाने का विरोध किया।

श्री सराफा कमेटी अध्यक्ष आनंद अग्रवाल ने कहा कि आंदोलन को आठ दिन हुए, लेकिन केंद्र सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंग रही। देवेंद्र गोयल ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता से बाज आए। जिस तरह से ईपीएफ पर टैक्स वापस लिया है, उसी तरह व्यापारियों से यह टैक्स वापस लिया जाए। व्यापारी इस कानून को वापस लेने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर भी बैठ सकते हैं।
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सराफा व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में विपक्षी नेताओं से मिलने गया है। गुरुवार को कई विपक्षी दलों के नेताओं से उनकी मुलाकात होनी है। वहीं, धरने में रीयल एस्टेट कारोबारी सुमित गुप्ता विभव सराफा व्यापारियों को अपना समर्थन देने पहुंचे।

उन्होंने कटाक्ष किया कि सोने चांदी के आभूषण बेचने वालों के ऐसे अच्छे दिन आए कि उन्हें सब्जी बेचनी पड़ रही है। टैक्स के बोझ से व्यापारी पहले ही परेशान है। टैक्स का जाल हटाने की जरूरत है, जबकि इन्हें और थोपा जा रहा है।  सभा को रंगकर्मी अनिल कुमार, अनिल वर्मा, विनोद जौहरी, राकेश जैन, अर्जुन धाकड़, अरुण पाराशर, जितेंद्र कुमार, मानव गोयल, राजेंद्र कुमार ने संबोधित किया।

भाजपा नेताओं की बढ़ रही मुश्किल
सराफा व्यापारियों का बड़ा वर्ग भाजपा का समर्थक माना जाता रहा है, लेकिन बजट में किए गए एक्साइज ड्यूटी के प्रावधान के बाद भाजपा सरकार व्यापारियों के निशाने पर हैं। अनिश्चितकालीन हड़ताल में विपक्षी दलों के नेताओं की मौजूदगी में केंद्र पर तीखे शब्दों के तीर चलाए जा रहे हैं।

उससे भाजपा के व्यापारी नेता परेशान हैं। धरने में शामिल होने पर उन्हें अपनी ही सरकार का विरोध झेलना पड़ रहा है, वहीं व्यापारियों को कोई आश्वासन देने की स्थिति में भी वह नहीं हैं। ऐसे में भाजपा नेता सराफा व्यापारियों के धरने से कन्नी ही काट रहे हैं जबकि विपक्षी दलों ने यह मुद्दा उठाकर धरने में मौजूदगी बढ़ाई है।
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