एटा निवासी 33 साल के सतेंद्र के सीने में सांड ने सींग घुसा दिया। इससे अंदरूनी अंग क्षतिग्रस्त हो गए, आंत भी बाहर आ गई। गंभीर हालत में एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी आए। यहां चार घंटे की जटिल सर्जरी कर जान बचाई। 10 दिन भर्ती रहने के बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया है।
कार्डियोथोरेसिक वेस्कुलर सर्जन डाॅ. सुशील सिंघल ने बताया कि सांड ने पसलियों के पास सींग घुसा दिया। इससे पेट और छाती के बीच की झिल्ली में 25 सेमी छेद हो गया था। इससे एक फेफड़े ने कार्य करना बंद कर दिया था। आंत भी बाहर आ गई थी। निजी अस्पताल में दिखाने पर तत्काल इमरजेंसी रैफर कर दिया। यहां छाती खोलकर क्षतिग्रस्त अंगों की सर्जरी कर अंदर किया गया।
चार घंटे ऑपरेशन चला और आईसीयू में भर्ती किया। फॉलोअप के बाद मरीज की हालत पूरी तरह से ठीक हो चुकी है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी सेंटर बनने से अतिगंभीर मामलों की भी सर्जरी हो रही है। 6 लाख रुपये से अधिक का खर्च आता है।