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शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के नाम से जानी जाएगी एटा की यह सड़क, सरकार का एलान

Thu, 06 Dec 2018 01:53 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला एटा
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पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुलाकात की - फोटो : अमर उजाला
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बुलंदशहर हिंसा में मारे गए एटा के पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के नाम से जैथरा-कुरावली मार्ग जाना जाएगा। यूपी सरकार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद इसका एलान किया है। अब सड़क का नाम श्री सुबोध कुमार सिंह शहीद मार्ग होगा।  
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सुबोध कुमार के परिवार ने गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांगें रखीं, जिन्हें मान लिया गया है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।      

मुख्यमंत्री ने सुबोध कुमार के परिवार को मिलने के लिए लखनऊ बुलाया था। इस पर सुबोध की पत्नी और दोनों बेटे लखनऊ के पांच कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे। इनके साथ प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग, विधायक एटा सतपाल सिंह राठौर भी मौजूद रहे। 
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घटना पर जताया दुख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर की घटना पर दुख जताते हुए आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। साथ ही न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। घटना की जांच की जा रही है। 

योगी सरकार ने सुबोध कुमार के परिवार की सभी मांगों को मान लिया है। सरकार पीड़ित परिवार का कर्जा चुकाएगी। परिवार को असाधारण पेंशन, एक सदस्य को नौकरी दिये जाने के साथ जैथरा-कुरावली सड़क का नाम भी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के नाम पर रखे जाने का एलान किया। 

इसके पहले बुधवार को प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री अतुल गर्ग सुबोध के पैतृक गांव तरगवां (थाना जैथरा) पहुंचे थे। मुख्यमंत्री के संदेश के साथ 40 लाख रुपये का चेक सुबोध की पत्नी को दिया था। परिजनों ने अपनी बात गर्ग के सामने रखीं। 
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'पीड़ित सरकार के साथ सरकार'

सभी की बात सुनने के बाद प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग ने कहा कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पीड़ित परिवार के साथ हैं। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री घटना को लेकर गंभीर हैं। भविष्य में इस तरह की कोई घटना न हो। इसको लेकर भी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।

बता दें कि बुलंदशहर में हुई हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या कर दी गई थी। हिंसा की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जा चुका है। हिंसा में मृतक सुमित कुमार सहित 28 को नामजद और 60 पर केस दर्ज किया गया है।

मामले में अब तक चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि मुख्य आरोपी बजरंग दल का जिला संयोजक योगेश राज फरार है। यूपी डीजीपी ने कहा कि पूरा मामला एक साजिश नजर आ रहा है। आखिर क्यों और कैसे गोवंश के अवशेष वहां लाए गए थे। इसकी जांच की जा रही है। 
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