आगरा। मेट्रो कॉरिडोर के दोनों तरफ 500 मीटर परिधि में घर बनाना महंगा होगा। नक्शा पास कराने के लिए यहां 2475 रुपये विकास शुल्क के अलावा 618 रुपये प्रति वर्ग मीटर सुख-सुविधा शुल्क देना होगा। बोर्ड की 151वीं बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद एडीए ने मसौदा शासन को भेजा है।
मेट्रो प्रभावित क्षेत्रों (टीओडी जोन) में यह शुल्क लागू होने के बाद भवन, दुकान या व्यावसायिक मानचित्र स्वीकृत कराना या शमन कराना महंगा हो जाएगा। शासन ने विशेष सुख-सुविधा शुल्क नियमावली-2024 बनाई थी। इसमें आगरा मेट्रो सुविधा भी शामिल है। इसके लिए मेट्रो क्षेत्र में विकास शुल्क का अधिकतम 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा।
फिलहाल एडीए की ओर से विकास शुल्क की दर 2,475 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। नए प्रस्ताव के अनुसार, विकास शुल्क का 25 प्रतिशत यानी 619 रुपये प्रति वर्ग मीटर अतिरिक्त शुल्क सुख-सुविधा शुल्क के रूप में वसूला जाएगा।
मेट्रो कॉरिडोर के टीओडी जोन में पड़ेगा असर
यह शुल्क मुख्य रूप से ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) जोन पर लागू होगा। यह जोन मेट्रो कॉरिडोर के दोनों तरफ 500 मीटर परिधि में बनेगा। मास्टर प्लान-2031 के अनुसार मेट्रो का पहला कॉरिडोर सिकंदरा से ताज ईस्ट गेट और दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक होगा। कॉरिडोर के दोनों ओर लगभग 500 मीटर की परिधि में आने वाला क्षेत्र टीओडी जोन कहलाएगा। यहां सघन शहरी विकास और बेहतर सुविधाओं के बदले यह शुल्क एडीए लेगा।
50 प्रतिशत शुल्क जाएगा मेट्रो के पास
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने शासन से मांग की है कि वैल्यू कैप्चर फाइनेंसिंग (वीसीएफ) के तहत विकास प्राधिकरणों की ओर से वसूले जाने वाले शुल्कों का 50 प्रतिशत हिस्सा एक एस्क्रो अकाउंट के जरिये मेट्रो परियोजना को हस्तांतरित किया जाए। इससे मेट्रो के विस्तार और रखरखाव के लिए वित्तीय संसाधन जुटाए जाएंगे।
इस प्रस्ताव को बोर्ड के समक्ष विचार और अनुमोदन के लिए रखा गया था। बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद आगरा मेट्रो को विशेष सुख-सुविधा के रूप में अधिसूचित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।