आगरा के उपभोक्ता आयोग ने फ्लैट का कब्जा नहीं देने और कीमत बढ़ाने के मामले में बिल्डर को 90 दिन में कब्जा देने का आदेश दिया है। आयोग ने मानसिक उत्पीड़न और वाद व्यय के लिए 2.20 लाख रुपये देने को कहा है, आदेश न मानने पर जमा रकम पर नौ प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।
आगरा में एक बिल्डर के फ्लैट पर कब्जा न देने और कीमत बढ़ाने के मामले में उपभोक्ता आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ब्रिक राइज डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को आदेश दिया है कि बिल्डर को 90 दिन में फ्लैट का कब्जा देना होगा।
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आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव कुमार ने यह आदेश दिया। उन्होंने आदेश दिया कि बिल्डर को मानसिक उत्पीड़न और वाद व्यय के रूप में 2.20 लाख रुपये का जुर्माना भी देना होगा। यदि आदेश का पालन नहीं होता है तो जमा रकम पर नौ प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। ओल्ड ईदगाह कॉलोनी निवासी कनुप्रिया जैन और अश्वनी जैन ने यह वाद दायर किया था।
उन्होंने 18 नवंबर, 2017 को नोएडा स्थित गोदरेज नेस्ट आवासीय परियोजना में फ्लैट के लिए आवेदन किया था। उन्होंने कुल 32.7 लाख रुपये जमा कराए थे। फ्लैट की मूल कीमत 76.71 लाख रुपये थी। जैन दंपती को 2019 में फ्लैट पर कब्जा मिलना था लेकिन स्थल पर भवन तैयार नहीं था। बिल्डर ने बताया कि सरकारी रोक के कारण परियोजना निर्माण में देरी हुई। बाद में बिल्डर ने फ्लैट की कीमत बढ़ाकर 87.55 लाख रुपये कर दी। विरोध करने पर बिल्डर ने आवंटन निरस्त कर दिया और रुपये भी वापस नहीं किए।