इनर रिंग रोड के पास ‘अपने घर’ का सुनहरा सपना दिखाने के बाद बिल्डर कई लोगों का एडवांस लेकर लापता हो गया है। बुकिंग धनराशि वापस करने के नाम पर कुछ महीनों तक तो लोगों को गुमराह किया। इसके बाद ऑफिस ही बंद कर दिया। अब न जमीन का पता है, न ऑफिस का और न ही बिल्डर का। ‘अपने घर’ के लालच में पूंजी गवां बैठे लोग अब उसकी तलाश में जुटे हैं।
श्रीकृष्णा डेवलपवेल लि. (एसकेडीएल) ने नेशनल हाईवे दो स्थित कुबेरपुर, इनररिंग रोड के पास प्रोजेक्ट लांच की घोषणा की थी। बिल्डर ने यहां सौ, डेढ़ सौ और दो सौ वर्ग गज के प्लाट का ऑफर दिया था। सौ वर्ग गज प्लाट की बुकिंग के लिए दिसंबर 2013 में 11 हजार रुपये का चेक लिया गया था। दिसंबर 2014 में ड्रा निकालने का आश्वासन दिया था, मगर बिल्डर ने कोई ड्रा नहीं निकाला। वह बुकिंग कराने वालों को आज-कल का आश्वासन देता रहा। इधर, इनररिंग रोड के आसपास की जमीन का भू उपयोग निर्धारित न होने से पहले कालोनियां, मल्टीस्टोरी आदि बनाने वाले बिल्डरों पर आगरा विकास प्राधिकरण ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया। इनररिंग रोड के आसपास प्रोजेक्ट लांच करने की घोषणा कर चुके ऐसे ही नौ बिल्डरों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके बाद एसकेडीएल ने बुकिंग कराने वाले ग्राहकों को नोटिस भेजा कि एडीए ने उनके प्रोजेक्ट को हरी झंडी नहीं दी है, ऐसे में वह अपने चेक 30 जनवरी 2015 तक वापस ले जाएं। इस पर ट्रांस यमुना कालोनी निवासी अमित कुमार और कचहरी घाट निवासी अमित ने संजय प्लेस स्थित बिल्डर के ऑफिस के चक्कर काटना शुरू कर दिया। इन्होंने भी अपने प्लाट की बुकिंग के लिए बिल्डर को चेक दिए थे। मगर ऑफिस में मौजूद कर्मचारी चेक वापस करने के नाम पर उन्हें टहलाते रहे। कुछ दिनों बाद बिल्डर ने ऑफिस भी बंद कर दिया। अब ग्राहक बिल्डर की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। बुकिंग के दौरान ग्राहकों को जो रसीद दी गई थी, उस पर कुछ फोन नंबर भी लिखे थे। यह फोन नंबर भी बंद जा रहे हैं।