लोकसभा चुनाव से पहले का बजट किसानों के लिए राहत भरा रहा, लेकिन उद्योग मायूस रहा। दोबारा मोदी सरकार के और ताकत से सत्ता में आने के बाद उद्यमियों, व्यापारियों और आम लोगों को उम्मीद है कि देश की पहली महिला वित्त मंत्री अपने पिटारे से कुछ ऐसा निकालेंगी कि घर की तरह देश का बजट भी अनूठा बने।
आगरा के उद्यमियों ने ताज ट्रिपेजियम जोन की बंदिशों से मुकाबला करने के लिए स्पेशल इकोनोमिक जोन की तर्ज पर टीटीजेड में रियायतें मांगी हैं। इस बजट से पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग भी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
आयकर विशेषज्ञ सीए दीपिका मित्तल का कहना है कि महिला वित्त मंत्री से उम्मीद है कि पांच लाख रुपये तक की आमदनी पूरी तरह टैक्स फ्री हो। 80 सी की छूट 1.5 लाख से बढाकर 2.5 लाख करने की उम्मीद है।
इस ओर भी दें ध्यान
टैक्स कंसलटेंट रूचि अग्रवाल ने कहा कि महिला वित्त मंत्री कम से कम कामकाजी महिलाओं के लिए अतिरिक्त टैक्स लाभ दें। स्वास्थ्य, शिक्षा और घर के लोन पर बजट में ध्यान दिया जाए।
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल ने कहा कि कई बजट निराशाजनक रहे हैं, पर हमें इस बार एयरपोर्ट समेत इन्फ्रास्ट्रक्चर की उम्मीद है। हस्तशिल्प के लिए विशेष पैकेज बनाया जाना चाहिए, जिससे कारीगर प्रोत्साहित हों।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहाल का कहना है कि पर्यटन क्षेत्र से बेरोजगारी दूर हो सकती है, इसलिए होटल, हैंडीक्राफ्ट समेत पर्यटन उद्योग को प्रोत्साहन की जरूरत है। आगरा को एयरपोर्ट, स्टेडियम मिल जाए तो तकदीर बदल जाए।
होटल ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा ने कहा कि फतेहपुर सीकरी तक रेल सेवा, लग्जरी ट्रेन जैसे कदमों की जरूरत है। टीटीजेड के प्रतिबंधों की भरपाई के लिए गैर प्रदूषणकारी पर्यटन उद्योग को टैक्स में रियायतों का पैकेज चाहिए।
ऋण ब्याज दर में छूट मिले
एफमेक के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि सरकार उद्योगों की सुस्त रफ्तार को बढ़ाने के लिए ऋण में ब्याज दर में छूट दे। फुटवियर उद्योग में टैक्स दरों में कमी की जरूरत है।
निर्यातक प्रदीप वासन ने कहा कि जूता उद्योग कच्चे माल और लेदर की कमी से जूझ रहा है। मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन देकर फुटवियर क्षेत्र में कच्चे माल की आपूर्ति बढ़ाई जाए।
सीए इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष सीए सुदीप जैन ने कहा कि आर्थिक विकास दर की ऊंची दर पाने के लिए बजट पर निगाहें हैं। आम आदमी के लिए पांच लाख तक की आय टैक्स मुक्त हो और उद्योगों के साथ कृषि क्षेत्र पर फोकस किया जाना चाहिए।