मथुरा के छटीकरा-वृंदावन मार्ग पर वैष्णो देवी मंदिर के पास खाली भूखंड में बीटेक छात्र का शव मिला था। छात्र की गर्दन पर भारी वस्तु से प्रहार कर वारदात को अंजाम दिया गया था। करीब 35 महीने बाद भी पुलिस और क्राइम ब्रांच को पुख्ता साक्ष्य नहीं मिले।
डॉ. आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीटेक छात्र रमन यादव की हत्या का मामला रहस्य बनकर रह गया है। करीब 35 महीने बाद भी पुलिस और क्राइम ब्रांच को पुख्ता साक्ष्य नहीं मिले। इस पर विवेचक ने अपनी अंतिम रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद कर दी। परिजन हत्या के खुलासे के लिए अब भी परेशान हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन की हड्डी टूटने से माैत की बात सामने आई थी।
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घटना 15 मार्च 2023 की है। फर्रुखाबाद जिले के थाना मिरापुर के डहलिया निवासी अरविंद यादव का बेटा रमन (22) डाॅ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी कैंपस में बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र था। वह न्यू आगरा क्षेत्र में किराये पर कमरा लेकर रहता था। 15 मार्च को उसकी परीक्षा थी। वह घर से निकला लेकिन परीक्षा देने नहीं पहुंचा। उसके लापता होने पर परिजन आगरा आ गए। उन्होंने तलाश की। उसके साथ ही रिश्तेदार युवती भी रहती थी। मामले में 16 मार्च 2023 को थाना न्यू आगरा में गुमशुदगी दर्ज की गई।
17 मार्च को करीब 12 बजे मथुरा के जैंत थाना क्षेत्र में वैष्णो देवी मंदिर के निकट खाली प्लाॅट में रमन का शव मिला। परिजन ने हत्या का आरोप लगाया। गुमशुदगी के मामले को हत्या की धारा में बदला गया। विवेचना में पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। पुलिस का कहना था कि छात्र अकेला ही जाता नजर आया है। उसके साथ कोई नहीं था जबकि परिजन एक युवती पर आरोप लगा रहे थे। अपर पुलिस आयुक्त से शिकायत पर 4 अक्तूबर 2023 को विवेचना क्राइम ब्रांच स्थानांतरित कर दी गई। अब थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई है।