ताज ट्रिपेजियम जोन के किसान 24 घंटे बिजली आपूर्ति के नाम पर प्रदेशभर में सबसे ज्यादा बिजली का बिल चुका रहे हैं। सूबे में जहां 100 रुपये प्रति हॉर्स पावर का बिल वसूला जा रहा है, वहीं टीटीजेड में यह रेट 160 रुपये प्रति हॉर्स पावर है, जबकि बिजली की कटौती अंधाधुंध हो रही है।
जरूरत के समय किसानों को बिजली नहीं मिल रही, लेकिन एफआईआर उन्हीं पर सबसे ज्यादा की जा रही हैं। बसपा के पूर्व विधायकों ने इसी मुद्दे पर शुक्रवार को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को ज्ञापन सौंपकर कटौती और उत्पीड़न रोकने की मांग की।
बसपा के जोन इंचार्ज गुटियारी लाल दुवेश, पूर्व विधायक डा. धर्मपाल सिंह, कालीचरन सुमन किसानों और बसपा समर्थकों के साथ दोपहर में एमडी आफिस पहुंचे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 24 घंटे बिजली देने के आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री किसानों को 18 घंटे आपूर्ति का दावा करते हैं, लेकिन बिजली 5 से 8 घंटे ही मिल रही है।
ग्रामीणों का बिजली चोरी के नाम पर एफआईआर कर उत्पीड़न किया जा रहा है। बसपा नेताओं ने चेतावनी दी कि फर्जी एफआईआर के खिलाफ जल्द ही बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक कालीचरन सुमन, गंगाधर कुशवाह, प्रमोद रैना, सोनू बघेल, अमजद कुरैशी, राजेश पाराशर, कालीचरन डकौरिया आदि मौजूद रहे।
ये रखीं मांगें
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 24 घंटे बिजली आपूर्ति मिले
- ग्रामीण इलाकों में 15 घंटों की बिजली कटौती तुरंत बंद हो
- विद्युत कनेक्शन जोड़ने के नाम पर अवैध वसूली बंद की जाए
- गरीब किसान, उपभोक्ताओं पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाएं
- शहर और देहात में प्रदेश की तरह बिजली की दरें एक समान हों
आंदोलन की चेतावनी
बसपा के जोन इंचार्ज गुटियारी लाल दुवेश का कहना है कि ताज ट्रिपेजियम जोन में अंधाधुंध बिजली कटौती की जा रही है। शहर के छोटे कारखानेदारों के साथ आम लोग परेशान हैं। घंटों कटौती से जूता कारोबार प्रभावित हो रहा है। बिजली न मिलने पर आंदोलन होगा।
पूर्व विधायक डा. धर्मपाल सिंह ने कहा कि किसानों को 24 घंटे बिजली की जगह कनेक्शन काटकर एफआईआर कराई जा रही हैं। टीटीजेड के किसानों से ज्यादा बिल वसूलने और एफआईआर के खिलाफ जनता के साथ बड़ा आंदोलन करने की तैयारी है।