कासगंज। लोकसभा चुनावों को लेकर बसपा के प्रत्याशी घोषित होने का राजनैतिक दलों व आम मतदाताओं को बेसब्री से इंतजार था। जिले में एक दिन के बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी है। बसपा ने एक दिन पूर्व प्रत्याशी घोषित कर दिया है। बसपा ने एटा के अधिवक्ता इरफान को प्रत्याशी घोषित किया है। इरफान के प्रत्याशी बनने से जहां सपा के खेमे में बेचैनी का आलम बना है वहीं भाजपाइयों के चेहरे पर मुस्कान नजर आ रही है।भाजपा ने एटा-कासगंज लोकसभा के लिए सांसद राजवीर सिंह को प्रत्याशी बनाया है। वहीं सपा ने देवेश शाक्य को अपना प्रत्याशी घोषित किया।। अब बसपा ने अधिवक्ता इरफान को प्रत्याशी बनाया है। इरफान के प्रत्याशी बनने से सपा का चुनावी समीकरण गड़बड़ा सकता है। सपा मुस्लिम, यादव और शाक्य वोटों के दम पर भाजपा को चुनौती दे रही है। बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर उसे चुनौती दी है, हालांकि सपा इसे चुनौती नहीं मान रही। सपा जिलाध्यक्ष विक्रम यादव का कहना है कि बसपा से मुस्लिम प्रत्याशी होने से सपा का आधार वोट बैंक और मजबूत होगा। वहीं,भाजपा जिलाध्यक्ष केपी सिंह सोलंकी का कहना है कि सभी वर्गों का समर्थन भाजपा के साथ है। सपा के पूर्व सांसद देवेंद्र सिंह यादव सहित तमाम यादव समाज के लोग भाजपा से जुड़ चुके हैं। बसपा जिलाध्यक्ष डीपी सिंह राना ने कहा कि बसपा प्रत्याशी इरफान मजबूत और शिक्षित प्रत्याशी हैं। किसी के बेचैन होने या किसी के खुश होने से हम पर कोई असर नहीं पड़ रहा। हम मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं।