सपा के बाद बसपा ने भी ताजनगरी में प्रत्याशी बदलने का सिलसिला शुरू कर दिया। दक्षिण विधानसभा सीट पर आठ मई को घोषित किए प्रत्याशी बरकत अली का टिकट काट दिया। अभी नए नाम का एलान नहीं किया है। लेकिन पार्टी से निष्कासन के बाद बीते महीने ही शामिल हुए पूर्व विधायक और कांग्रेस से चुनाव लड़ चुके जूता निर्यातक का नाम चर्चा में है।
बसपा अध्यक्ष मायावती की प्रदेश भर में मंडलीय रैलियों के बाद प्रत्याशियों में बदलाव शुरू हुए हैं। सबसे पहले आगरा में बरकत अली का टिकट काटा गया। बरकत अली के बाद दो अन्य प्रत्याशियों पर भी तलवार लटक रही है। इस बदलाव के बीच दो विधायकों की खराब रिपोर्ट पर उन्हें भी बदला जा सकता है। उत्तर सीट पर ज्ञानेंद्र गौतम और फतेहाबाद विधानसभा सीट से उमेश सैंथिया को बदलने की चर्चा जोरों पर है।
टिकट क्यों काटा, वजह का जिक्र नहीं
बसपा में यह पहला मौका है, जब प्रत्याशी बरकत अली का टिकट काटे जाने की वजह नहीं बताई गई। दो साल से जनसंपर्क में जुटे बरकत अली को भी इस बारे में नहीं मालूम। उनका कहना है कि जनता का प्यार भरपूर मिल रहा था। जनसमस्याओं का वह समाधान भी करा रहे थे। बसपा अध्यक्ष ने टिकट काटा है। इसलिए जो भी जिम्मेदारी वह देंगी वह निभाएंगे।
उत्तर और फतेहाबाद सीट पर भी चर्चाएं
बसपा ने उत्तर और फतेहाबाद सीट पर ब्राह्मण नेता की पैरवी पर प्रत्याशी बनाए लेकिन दक्षिण सीट पर बदलाव ने उनको को भी संकेत दे दिया है। उत्तर सीट पर ज्ञानेंद्र गौतम की जगह पंजाबी समाज के एक नेता और मार्बल व्यवसायी के नाम की चर्चा है तो वहीं फतेहाबाद पर उमेश सैंथिया की जगह बसपा के पूर्व नेता रहे अशोक दीक्षित की बेटी रूपाली दीक्षित और बसपा से विधायक चुने गए छोटेलाल वर्मा का नाम चर्चा में है।
दो विधायकों की रिपोर्ट खराब
बसपा में बदलाव के बीच दो विधायकों की रिपोर्ट खराब भेजी गई है। ऐसे में उनमें भी बदलाव किया जा सकता है। बरकत अली का टिकट काटने के बाद बसपा के घोषित प्रत्याशियों में घबराहट है और कोई भी अपना टिकट फाइनल मानकर नहीं चल रहा।
फिर चित्तौड़ पर भारी पड़े नसीमुद्दीन
बसपा के आगरा-अलीगढ़ जोन कोआर्डिनेटर सुनील कुमार चित्तौड़ ने चार महीने पहले बरकत अली के नाम का एलान किया था। पूर्व मंत्री चौ. बशीर और पूर्व विधायक जुल्फिकार अहमद भुट्टो को जब बसपा से बाहर निकाला गया तब बरकत अली चित्तौड़ की पहली पसंद रहे लेकिन बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी की भुट्टो से नजदीकी का असर ये रहा कि जुलाई में भुट्टो की न केवल बसपा में वापसी हुई, बल्कि अलीगढ़ में उन्हें संगठन की जिम्मेदारी दी गई। सूत्रों का दावा है कि पूर्व विधायक भुट्टो को प्रत्याशी बनाने का एलान करने के लिए खुद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ही आगरा आएंगे।
सपा बदल रही साइकिल सवार
सपा भी अपने दक्षिण सीट के प्रत्याशी में बदलाव कर चुकी है। रोली तिवारी मिश्रा की जगह पिछले महीने ही पार्षद क्षमा जैन सक्सेना को टिकट दिया।