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बीएसए कार्यालय में एसटीएफ ने क्यों डाला डेरा

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02एमएनपी-21-बीएसए कार्यालय पर जांच करती एसटीएफ की टीम - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। बेसिक शिक्षाधिकारी का कार्यालय एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। अभी मिड-डे मील घोटाले की आग ठंडी भी न हो पाई थी कि एक बार फिर बेसिक शिक्षाधिकारी पर ‘पढ़े भारत-बढ़े भारत’ सहित 10 बिंदुओं पर आरोप लगाए गए हैं। शासन के निर्देश पर मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। सोमवार को बीएसए कार्यालय पहुंचे एसटीएफ के अधिकारियों ने जरूरी अभिलेखों की जांच की। फर्जी शिक्षकों के बारे में भी टीम ने जानकारी जुटाई।
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सोमवार की दोपहर 12 बजे अचानक एसटीएफ के अधिकारी अपनी टीम के साथ बीएसए कार्यालय पहुंच गए। बीएसए वीडियो कांफ्रेंस में गए हुए थे। एसटीएफ के अधिकारियों ने यहां मौजूद खंड शिक्षाधिकारी शंकर दयाल नामदेव व लिपिकों से विभिन्न मामलों की जानकारी हासिल की। मामलों से संबंधित फाइलें भी देखी। अचानक एसटीएफ की टीम पहुंचने से बीएसए कार्यालय हड़कंप मच गया।
एसटीएफ के अधिकारियों ने बीएसए कार्यालय प्रांगण में हाल ही में हुए सौंदर्यीकरण आदि की जांच भी की। सूत्रों के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित 10 बिंदुओं पर शिकायत की गई है, जिसके संबंध में एसटीएफ जांच करने मैनपुरी पहुंची है। एसटीएफ के अधिकारियों ने कहा कि जांच गोपनीय है। इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा सकेगी।
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ये हैं आरोप
-वर्ष 2017-18 में पढ़े भारत- बढ़े भारत योजना के लिए भेजी गई धनराशि में गबन।
-पिछली दो शिक्षक भर्तियों में गलत तरीके से काउंसलिंग कराना।
-सौंदर्यीकरण के कार्य में अधिकारियों व अन्य से दबाव बनाकर धन जमा कराना।
-पुस्तक मेले में संचालक से अवैध उगाही कराना।
-निलंबन बहाली के नाम पर अवैध रूप से धन उगाई करना
एसटीएफ जांच के लिए आई है। जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है, जो भी अभिलेख मांगे जाएंगे उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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