शोरूम में खड़े बीएस-4 वाहन (फाइल फोटो)
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बीएस-4 दोपहिया वाहनों के डंप होने के डर से डीलर्स ने नई तरकीब निकाल ली। स्टॉक में पड़े करीब 1500 वाहनों को खुद, स्टाफ और पहचान वालों के नाम पंजीकृत करा दिया। इसमें करीब 1450 दोपहिया वाहन हीरो कंपनी और 50 होंडा कंपनी के हैं।
बीएस-4 वाहनों को बेचने और रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 31 मार्च थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने डीलर्स की चिंता देखते हुए लॉकडाउन के बाद 10 दिनों तक 10 फीसदी वाहन बेचने की छूट दे दी थी। लेकिन लॉकडाउन खत्म होने से पहले ही स्टॉक को खपा दिया गया। डीलर्स के अनुसार यह इसलिए जरूरी था क्योंकि कंपनी ने माल वापस लेने से हाथ खड़े कर दिए थे। अब इन्हें सेकेंड ऑनर को बेचा जाएगा।
डंप हो जाता इसीलिए उठाया कदम
स्टॉक में पड़े करीब 1450 वाहनों का पंजीकरण जरूरी था। नहीं तो वह डंप हो जाता। इसलिए खुद, स्टाफ, पहचान वालों के नाम रजिस्ट्रेशन कराया।
- रमेश अग्रवाल, डीलर हीरो कंपनी
डीलर के लिए स्टॉक निकालना मजबूरी था। नहीं तो नुकसान हो जाता। यहां से स्टॉक में रखे करीब 50 वाहनों का पंजीकरण कराया गया।
- एसके त्रिखा, जनरल मैनेजर पीपल्स होंडा