कहावत है 'जाको राखे साईंयां मार सके न कोय', यह कहावत एक बार फिर चरितार्थ हो गई। नई दिल्ली की तरफ से विगत दिवस दोपहर करीब 2.33 बजे मालगाड़ी ने बल्लभगढ़ स्टेशन पार किया ही था कि ट्रैक के नजदीक खेल रहे किशोर ने दो साल के मासूम को ट्रेन के आगे फेंक दिया। मालगाड़ी के लोको पायलट दीवान सिंह और असिस्टेंट लोको पायलट अतुल आनंद घटनाक्रम देखकर हड़बड़ा गए। लेकिन उन्होंने सूझबूझ दिखाई और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया।