शिवानी के बड़े भाई विकास ने शिवानी के कमरे में जाकर देखा तो उसके होश उड़ गए। शिवानी खाट पर खून से लथपथ पड़ी थी। उसने पिता को जानकारी दी तो दुर्गेश ने भागने लगा। ग्रामीणों ने उसे दबोच लिया।
शिवानी को जिला अस्पताल लाए लेकिन चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। हत्यारोपी भाई दुर्गेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा बरामद कर लिया। पिता मुन्नालाल की तहरीर पर बेटा दुर्गेश के खिलाफ हत्या का अभियोग दर्ज करके उसे जेल भेजा है।
पिता का कहना है कि वो इटावा के जसवंतनगर अपने मामा के घर गया था वहां से उनका मोबाइल चुरा लाया। शिवानी ने टोक दिया था। इस बात से दुर्गेश खाना नहीं खा रहा था तो शिवानी ने मनाकर उसे खाना खिलाया। लेकिन उसने ही बहन की जान ले ली।
एसओ खैरगढ़ गंगासरन ने कहा कि दुर्गेश का बहन से मोबाइल को लेकर विवाद था। इसके कारण ही उसने बहन की हत्या की है। भाई दुर्गेश ने एक वर्ष पूर्व अपने बड़े भाई विकास पर भी जानलेवा हमला किया था। पत्थर मारने के कारण उसके चेहरे पर 18 टांके आए थे।