एक ब्रोकर के चक्कर में केन्या के 60-65 छात्रों को रात खुले में सड़क पर गुजारनी पड़ी। ब्रोकर ने इन्हें सिकंदरा क्षेत्र में स्थित एक मल्टी स्टोरी टावर में किराए पर रहने के लिए फ्लैट दिखाए थे। फ्लैट मालिकों से बात फाइनल नहीं हुई और गलतफहमी के चलते शुक्रवार रात को ये सामान लेकर रहने के लिए पहुंच गए। इनको यहां रहने वाले लोगों और सिक्योरिटी गार्ड ने टावर में घुसने से रोक दिया। रात करीब डेढ़ बजे ये अपने सामान के साथ टावर के बाहर जमे हुए थे।
ये छात्र शहर के अलग-अलग कालेजों में पढ़ते हैं और इससे पहले शास्त्रीपुरम में रह रहे थे। वहां इनका किराए का एग्रीमेंट समाप्त हो गया था। शुक्रवार दिन में इनकी एक ब्रोकर से बातचीत हुई थी और उसने इन्हें कुछ फ्लैट भी दिखाए। सिकंदरा क्षेत्र में स्थित एक टावर के फ्लैटों में रहने की बात हो गई। माना जा रहा है कि ब्रोकर के सही जानकारी न देने और बातचीत को लेकर कोई गलतफहमी होने की वजह से यह स्थिति बनी। फ्लैट मालिकों और टावर में रहने वाले लोगों का कहना है कि अभी न तो किराया फाइनल हुआ है और न ही कोई एग्रीमेंट हुआ है। ब्रोकर ने उन्हें कोई जानकारी भी नहीं दी है। विदेशी छात्रों का कहना हैं कि ब्रोकर ने उन्हें बिना एग्रीमेंट के ही रहने की बात कही थी। यहां आने से पहले ब्रोकर से भी इनकी बात नहीं हुई।