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Agra:  जेलों में अब नहीं चलेगा 'हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं...' 128 साल बाद हुआ बड़ा बदलाव

Sun, 06 Nov 2022 12:04 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

नया जेल मैनुअल लागू, अब महिला बंदी रख सकेंगी आभूषण, शाम को मिलेंगे चाय-बिस्किट। अंग्रेजी शासन में बने जेल मैनुअल में बदलाव हुआ है, जिसके तहत सजा ए काला पानी और कोड़े मारने को हटाया गया। 
 
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आगरा जिला जेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फिल्म शोले का फेमस डायलॉग हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं...ये तो सुना ही होगा। मगर अब यह जेलों में नहीं चलेगा। आज तक जेलों में जो कानून चले आ रहे थे, उनमें बदलाव किया गया है। अब जेलों में निरुद्ध महिला बंदी अपने पास आभूषण रख सकेंगी। शाम को बंदियों को रोजाना चाय और बिस्किट भी मिलेंगे। सोमवार से शनिवार तक मुलाकात होगी। रविवार को बंदी रहेगी। जेल  मैनुअल 2022 में यह व्यवस्था की गई है। इसमें रक्षा बंधन, भाई दूज को शामिल किया गया है। इससे बंदियों और मुलाकातियों को राहत मिल जाएगी।

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प्रभारी डीआईजी कारागार आगरा मंडल आरके मिश्र ने बताया कि अंग्रेजी शासन काल में 1894 में प्रिजन एक्ट बना था। इसके मुताबिक, वर्ष 1941 से ही जेल मैनुअल बनाया गया। अब नया जेल मैनुअल बनाया गया है। 16 अगस्त को यह पास हो गया था। इसे दो दिन पहले लागू कर दिया गया। इसमें सजा ए काला पानी और कोड़े मारना की सजा से मुक्ति मिल गई है। जेल में चेन और हथकड़ी की व्यवस्था को भी समाप्त कर दिया गया। नए मैनुअल में एक से 357 प्रस्तर हैं, जिनमें नए नियम बनाए गए। इसके तहत बंदियों को कई सुविधाएं दी गई हैं। 

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ये रहेगी प्रमुख खासियत

- नए जेल मैनुअल में संशोधन नहीं किया गया है। यह नए सिरे से लिखा गया है। पुराने मैनुअल के प्रावधानों को भी शामिल किया गया है।

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- पहले सुबह ही चाय मिलती थी। विशेष प्रयोजन पर दी जाती थी। अब शाम को चाय और दो बिस्किट मिल सकेंगे।
- महिला बंदियों के जेवर जेलर की निगरानी में सुरक्षित रखे जाते थे। अब बंदी अपनी इच्छा से अपने पास भी रख सकेंगी।
- व्रत और रोजे रखने वालों के लिए भोजन के लिए अलग से व्यवस्था करनी पड़ती थी। मगर, अब इस व्यवस्था को जेल मैनुअल में शामिल किया गया है। बंदियों को दूध, उबले आलू, केला और चीनी दी जाएगी।
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- करवा चौथ, भाई दूज, रक्षाबंधन भी शामिल कर लिए गए हैं। इसके लिए व्यवस्थाएं की जाएंगी।
- महिला बंदियों के साथ रहने वाले बच्चों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। इसके तहत शिशु कक्ष और बालवाड़ी बनाए जाएंगे।
- जेल मुख्यालय में टेक्निकल और लीगल सेल बनाई गई हैं। 
(जेल प्रशासन के मुताबिक)

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