इस पर दुल्हन पक्ष के लोगों ने शादी करने से इंकार कर दिया। इससे लड़का पक्ष में हड़कंप मच गया। शादी कराने वाले व्यक्ति व समाज के संभ्रांत लोगों ने हस्तक्षेप किया और किसी तरह शादी कराने के प्रयास किए। रात 11 बजे बराती तो वापस कर दिए, कुछ प्रमुख लोग रह गए।
तय हुआ कि शुक्रवार सुबह 11 बजे लड़का-लड़की की भांवरें डाल दी जाएंगी। दूल्हा सुबह करीब 11 बजे मैरिज होम में तैयार होकर पहुंचा, लेकिन फिर से बात बिगड़ गई। आखिर में शुक्रवार शाम को युवक बिना शादी के वापस गोकुल आ गया। इसे लेकर गोकुल में तरह तरह की चर्चा रही।
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