किशनी। तहसील क्षेत्र के कुछ ईंट भट्ठों पर कोयले के स्थान पर भूसे से ईंटें पकाई जा रही हैं। कोयले की बढ़ती कीमतें तथा अनुपलब्धता के कारण मालिकों द्वारा ऐसा किया जा रहा है। इससे प्रदषण बढ़ रहा है। लोगोंं ने एसडीएम से जांच कराकर कार्रवाई कराए जाने की मांग की है।
क्षेत्र के कुछ ईंट भट्टों पर कोयले की जगह तोरिया का भूसा झोंका जा रहा है। तोरिया के भूसे की मांग इतनी ज्यादा है कि इस भूसे को मध्यप्रदेश से मंगाया जा रहा है। भूसे से पकाई ईंटों का उपभोक्ताओं से कोयले से पकी ईट का मूल्य वसूला जा रहा है। भूसे से ईंट पकाने से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। देखने में र्इंट लाल रंग की होती है। लेकिन उसकी गुणवत्ता खराब होती है।
नाम नहीं छापने की शर्त पर एक भट्टा मालिक ने बताया कि मध्य प्रदेश के भूसे में लकड़ी की मात्रा अधिक होती है। इसलिए यह अधिक उपयोगी माना जाता है। क्षेत्र के रामनरेश, संतोष सिंह, बलराम सिंह, रामबरन सिंह, मनोहर सिंह का कहना है कि पर्यावरण प्रदूषित करने वाले ईंट भट्टों पर जांच कराकर कार्रवाई की जानी चाहिए। एसडीएम प्रसून कश्यप का कहना है कि जानकारी नहीं है। जांच कराने के बाद नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी।