डाक सहायक की मौत के मामले में शाखा डाकपाल निलंबित
- परिवाद निरीक्षक और एसडीआई करेंगे जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी । डाक सहायक की ब्रेन हेमरेज से हुई मौत के मामले में डाक विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।आरोपी शाखा डाकपाल को निलंबित कर दिया है। उसके विरुद्ध जांच की जिम्मेदारी परिवाद निरीक्षक और एसडीआई को सौंपी गई है।
परिजन का आरोप है कि डाक सहायक द्वारा रुपयों का हेरफेर पकड़े जाने के बाद से शाखा डाकपाल निरंतर धमकी दे रहा था। परिजन ने उच्चाधिकारियों से जांच की मांग की थी। आवास विकास कॉलोनी निवासी रवि यादव प्रधान डाकघर में तैनात थे। पोस्ट मास्टर ने उन्हें 10 दिन के लिए अतिरिक्त कार्यभार की बात कहकर तीन फरवरी को बरनाहल उप डाकघर में भेजा था। पिता ओमप्रकाश यादव ने स्वजन व परिचितों के साथ 21 फरवरी को कोतवाली में तहरीर दी थी। इससे पूर्व 19 फरवरी को डाक अधीक्षक कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि 10 फरवरी को रवि ने रजिस्टर की जांच में 1.29 लाख रुपये का हेरफेर पकड़ा था। इस धनराशि को जमा करने के लिए शाखा डाकपाल ब्रजकिशोर से कहा था।इसे लेकर ब्रजकिशोर द्वारा डाकघर में रवि के साथ अभद्रता की गई थी। आरोप है कि शाखा डाकपाल निरंतर फोन करके धमकी दे रहा था जिससे उनका पुत्र मानसिक दबाव में था। अचानक रास्ते में जाते समय रवि बेहोश हो गए थे। आगरा में चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेन हेमरेज बताकर रेफर कर दिया था। गुरुग्राम में उपचार के दौरान 18 फरवरी को उनका निधन हो गया था। इस मामले में प्राथमिक जांच करते हुए शाखा डाकपाल की कमी मिली है। डाक अधीक्षक एके त्रिपाठी का कहना है कि शाखा डाकपाल को निलंबित कर दिया है। इस पूरे प्रकरण की जांच एसडीआई मनोज पाल और परिवाद निरीक्षक सुजीत मौर्य को सौंपी गई है।