कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी पर एक दम ब्रेक लग गया है। इसके चलते कोल्ड स्टोरेज संचालकों की चिंता बढ़ गई है। किसान कीमतें और बढ़ने की उम्मीद में निकासी नहीं कर रहे हैं। अगर कीमतें गिरीं तो किसानों को नुकसान होगा। जानकारों के अनुसार अब आलू की कीमतों में और इजाफा होना मुश्किल है। ऐसे में किसानों के लिए आलू की निकासी ही उपयुक्त होगी।
जिले में बड़े पैमाने पर आलू का उत्पादन किसान करते हैं। 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल से 6 लाख मीट्रिक टन से अधिक आलू का उत्पादन होता है। किसान अच्छी कीमतों की उम्मीद में आलू का भंडारण कोल्ड स्टोरेज में कर देते हैं। इसके बाद कीमतें बढ़ने पर निकासी कर विक्रय करते हैं। इस बार किसानों की किस्मत ने साथ दिया तो आलू की कीमतें आसमान छूने लगी।
बीते एक माह से आलू दो हजार से 2500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। इससे किसानों को फायदा हो रहा है। लेकिन इसके बाद भी कोल्ड स्टोर से आलू की निकासी कर विक्रय में किसान सुस्ती दिखा रहे हैं। अब केवल 1.39 लाख मीट्रिक टन आलू की ही निकासी की गई है। वहीं 3.29 लाख मीट्रिक टन आलू निकासी के लिए शेष है। किसान अभी और कीमतें बढ़ने की उम्मीद में हैं।
लेकिन जानकार मानते हैं कि आलू की कीमतें अब और नहीं बढ़ेंगी। जिला उद्यान अधिकारी अनूप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि आलू की कीमतें इस समय अच्छी हैं। ये कीमतें किसानों के लिए बेहतर हैं। किसान किसी जोखिम से बचने के लिए आलू की निकासी कर उसका विक्रय कर दें। बाद में एक साथ बाजार में आलू आने से कीमतों में गिरावट भी आ सकती है।
फुटकर में 30 से 35 रुपये प्रति किलो बिक रहा आलू
थोक में जहां 2000 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल आलू बिक रहा है तो वहीं फुटकर में भी विक्रेताओं को आलू से खूब मुनाफा मिल रहा है। फुटकर में आलू 30 रुपये से लेकर 35 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। ऐसे में फुटकर विक्रेताओं को भी 5 रुपये से 10 रुपये प्रति किलो तक मुनाफा मिल रहा है।
आलू भंडारण की स्थिति
-22 हजार हेक्टेयर में होती है आलू की खेती
-6 लाख मीट्रिक टन से अधिक होता है उत्पादन
-4.68 लाख मीट्रिक टन कोल्ड में था भंडारित
-3.29 लाख मीट्रिक टन आलू अब भी है शेष
किआन आलू की निकासी धीरे-धीरे अब कर रहे हैं। कुछ किसानों को कीमतें और बढ़ने का इंतजार है। कई किसान ऐसे भी हैं, जिन्होंने आलू का विक्रय कर लिया अब केवल बीज का ही आलू कोल्ड में रखा है।
सुरेश चंद्र, किसान।
कीमतें अच्छी मिल रही हैं तो किसान लगातार कोल्ड स्टोरेज में भंडारित आलू का विक्रय कर रहे हैं। कुछ किसान सीधे कोल्ड स्टोर से आलू का विक्रय कर देते हैं। वे जुलाई के अंत में आलू की निकासी कराते हैं।
अवधेश कुमार, किसान।
किसानों से लगातार आलू निकासी की अपील की जा रही है। लेकिन किसान अभी धीमी गति से आलू की निकासी कर रही हैं। कीमतें इतनी अच्छी हैं कि किसानों को इसमें कोई विलंब नहीं करना चाहिए। आगे कीमतों में उतार-चढ़ाव से नुकसान उठाना पड़ सकता है।
-विनय गुप्ता, अध्यक्ष कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन।
-ज्योत्यवेंद्र दुबे