रमणरेती स्थित ठाकुर रमण बिहारी का आंगन बुधवार को होलीमय हो गया। रमण बिहारी की होली में शामिल होने देश-विदेश से आए भक्त आनंद लूट रहे थे। भक्ति रस में सराबोर होकर श्रद्धालु मानो निहाल हो गए। इस दिव्य क्षण की प्रतीक्षा कर रहे भक्तों ने भी अपने आराध्य के साथ फूलों की होली खेली और अपने जीवन को कृतार्थ किया।
सुबह कार्ष्णि गोपाल जयंती महोत्सव का शुभारंभ रास मंडली के कलाकारों ने होली मंच पर रासलीला की आकर्षक प्रस्तुति देकर किया। कलाकारों ने सुन बरसाने वारी गुलाम तेरौ बनवारी, होरी खेलन आयौ श्याम आज जाय रंग में बोरौ री, राधा अलबेली सरकार जपे जा राधे राधे, आज बिरज में होरी रे रसिया, मेरी चुनरी में लग गयौ दाग री एसो चटक रंग डारौ... आदि होली के गीतों और रसियाओं पर लठामार होली की अपनी प्रस्तुति से उपस्थित संतों और
भक्तजनों को आनंदित कर दिया।
इसके बाद जिस क्षण का भक्तों को इंतजार था, वो घड़ी आ गई। कार्ष्णि संतों ने ठाकुरजी के प्रसादी लड्डू भक्त श्रद्धालुओं पर लुटाने शुरू कर दिए। श्रद्धालुओं में लड्डू लूटने की होड़ सी मच गई। इसके बाद मंच पर कलाकारों ने फूलों की होली का आनंद बिखेरा। भक्त भी इस आनंद को लूटते हुए रमणबिहार के जयकारे लगाने लगे। भक्त श्रद्धालु आनंद में सराबोर हो नाचने को मजबूर हो गए।
इस बीच रासलीला में राधाकृष्ण के युगल स्वरूपों ने लठामार होली एवं फूलों की होली खेली। स्वरूपों ने कार्ष्णि गुरु गुरुशरणानंद महाराज और कथा प्रवक्ता रमेश भाई ओझा के साथ जमकर होली खेली। संतों ने भी भक्तों पर फूलों की बरसात की। प्रिया-प्रियतम के स्वरूपों और गुरुशरणानंद महाराज के साथ लगभग आधा घंटे तक इस दिव्य होली के हजारों भक्त साक्षी बने।