इंडियन सोसाइटी ऑफ़ क्रिटिकल केयर मेडिसिन की विश्व स्ट्रोक दिवस पर कार्यशाला।
आगरा। इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन की ओर से विश्व स्ट्रोक दिवस पर सिकंदरा स्थित हॉस्पिटल में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मरीज के लक्षण और इलाज के लिए चिकित्सकीय स्टाफ को प्रशिक्षण भी दिया गया।
संस्था अध्यक्ष डॉ. रणवीर सिंह त्यागी ने बताया कि मस्तिष्क तक रक्त आपूर्ति बाधित होने और रक्तस्राव होने से स्ट्रोक पड़ता है। अचानक संतुलन खोने, चक्कर आने, चलने में कठिनाई होने, अचानक धुंधला दिखना, रोशनी कम होने, चेहरे का एक तरफ लटक जाना, मुस्कुराने पर चेहरा टेढ़ा दिखने और शरीर के आधे हिस्से में कमजोरी-सुन्नपन होने और बोलने में कठिनाई या उच्चारण सही नहीं बोल पा रहे तो ये भी स्ट्रोक का लक्षण है। ऐसे में तत्काल मरीज को अस्पताल लेकर जाए। अगर मरीज 3-4 घंटे में अस्पताल में पहुंच जाता है तो उसके ठीक होने की दर अधिक है। अभी अधिकांश मरीज तय समय के बाद ही आ रहे हैं।