आयकर विभाग की टीडीएस टीम ने सोमवार को मथुरा की प्रतिष्ठित कंपनी कुंज पावर प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड पर सर्वे की कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने पाया कि कंपनी ने पिछले चार साल से ठेकेदारों का 75 लाख रुपये का टीडीएस काटा मगर उसे सरकारी खाते में जमा नहीं कराया। कंपनी ने आयकर रिटर्न भी दाखिल नहीं किया। कंपनी पर तकरीबन दो करोड़ का जुर्माना लगाया जा सकता है। कंपनी के संचालकों को छह फरवरी को आगरा तलब किया गया है।
आयकर विभाग की टीडीएस टीम ने मथुरा के विश्राम घाट स्थित कंपनी कुंज पावर प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड पर सुबह 11 बजे से कार्रवाई शुरू की। इस दौरान कंपनी के कागजात चेक किए तो पाया गया कि फर्म ने वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16 और वर्ष 2016-17 के दौरान ठेकेदारों के टीडीएस की तकरीबन 75 लाख रुपये की कटौती की, लेकिन इस धनराशि को सरकारी खाते में जमा नहीं कराया गया। कंपनी की ओर से आयकर रिटर्न भी दाखिल नहीं किया जा रहा था। आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फर्म पर टीडीएस के 75 लाख रुपये पर चार साल के ब्याज समेत करोड़ों का जुर्माना लगाया जा सकता है। फर्म को मंगलवार तक टीडीएस खाते में जुर्माना राशि की आधी राशि को जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही छह फरवरी को कंपनी के संचालकों को आगरा स्थित आयकर विभाग में तलब किया गया है। सीटीआई (टीडीएस) एके त्रिपाठी और एडीशनल सीटीआई के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में आईटीओ पीके श्रीवास्तव, एके शर्मा, आयकर निरीक्षक पीके दास, तरुण सैनी आदि शामिल रहे।
कंपनी के खाते खंगाले, कसेगा शिकंजा
टीडीएस टीम ने कंपनी के चार साल के खातों की पड़ताल की। तकरीबन चार घंटे से अधिक समय तक चली पड़ताल के दौरान कंपनी के अन्य कंपनियों को किए गए भुगतान आदि को भी चेक किया गया। अन्य कंपनियों के खातों की जांच के लिए भी कार्रवाई हो सकती है।