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दो करोड़ की लूट: पुलिसिंग की बारीकियों से वाकिफ हैं दोनों सिपाही, हकीकत जान अधिकारी भी सन्न

Wed, 08 Oct 2025 10:25 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

फिरोजाबाद के थाना मक्खनपुर क्षेत्र में 30 सितंबर 2025 को गुजरात की वित्तीय प्रबंधन कंपनी जीके के कर्मियों से हुई 2 करोड़ रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में आगरा में तैनात दो सिपाही भी शामिल थे। वे दोनों ही  पुलिसिंग की बारीकियों को बखूबी जानते हैं।
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पुलिस गिरफ्त में सिपाही अंकुर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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दो करोड़ की लूट की साजिश में गिरफ्तार सिपाही अंकुर प्रताप सिंह और मनोज कुमार पुलिसिंग की बारीकियों को बखूबी जानते हैं। थाने की विशेष टीमों में दोनों ने तैनाती के दौरान खूब रौब गांठा था। कई अपराधियों को अपना मुखबिर भी बनाया। मनोज कुमार एक मकान पर कब्जे के मामले में निलंबित भी हो गया था।
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अंकुर प्रताप सिंह जीआरपी में स्थानांतरण के बाद सीआइए शाखा में काम कर रहा था। एसपी जीआरपी कार्यालय में उसका काम सक्रिय अपराधियों की सूची बनवाना, बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोलना आदि था। पिता ग्रीस पाल सिंह जादौन ने ट्रांस यमुना कालोनी एफ ब्लाक में अपना घर बनवा लिया था। उनकी मौत के बाद वर्ष 2011 में वह मृतकाश्रित कोटे में सिपाही भर्ती हो गया। काफी समय एत्माद्दौला थाने में तैनात रहा था। वर्ष 2022 में ट्रांस यमुना थाने में तैनाती हुई। तीन साल तक थाने का कारखास बना रहा व थाने की विशेष टीम में भी रहा। उसका मुखबिर तंत्र काफी अच्छा था। वर्दी में नहीं रहता था। उसने अपने मुखबिर तंत्र में कई अपराधियों को भी शामिल कर रखा था।

लूट में शामिल सिपाही मनोज कुमार की भी अंकुर प्रताप सिंह से गहरी दोस्ती थी। वह मंडी समिति के पास बने सरकारी आवासों में रहता था। ट्रांस यमुना थाने की विशेष टीम में शामिल होने के बाद उसने भी अपना दबदबा कायम कर लिया था। विशेष टीम में कभी उसने वर्दी नहीं पहनी। अंकुर के थाने से जाने के बाद वह कारखास भी बन गया था। 
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तीन माह पहले कालिंदी विहार में एक मकान को खाली कराने में एक महिला गिरने से घायल हो गई थी, इस मामले में उसे निलंबित कर पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया। एक माह पहले ही बहाल हुआ और 29 सितंबर से गैर हाजिर चल रहा था। पूर्व में मथुरा और आगरा की एसओजी और स्वाट टीम में भी काम कर चुका था। दोनों के बारे में पता चलने पर पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है।
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