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जिले की सीमाएं सील, बाहर जाने के लिए इमरजेंसी पास मांग रहे मरीजों के तीमारदार

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आगरा कलक्ट्रेट में बाहर जाने के लिए वाहन पास मांगने वालों की लाइन - फोटो : AMAR UJALA
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दोपहर 1 बजे। कलक्ट्रेट स्थित सहायक जिला निर्वाचन कार्यालय। यहां इमरजेंसी वाहन पास कंट्रोल रूम है। एडीएम एफआर नोडल हैं। कार्यालय गेट बंद है। शटर पर ताला है। अंदर कर्मचारी व अधिकारी हैं, शटर के बाहर इमरजेंसी वाहन पास लेने आए लोगों की लाइन है। कोई शटर से लटक रहा है तो कोई खिड़की से झांक रहा है। हाथ मे पार्थना पत्र को कर्मचारियों की तरफ बढ़ाते हुए एक युवक बोला। सर! मेरी पत्नी का कैंसर का ऑपरेशन होना है। मेरी वहां जाना बहुत जरूरी है...। खिड़की के अंदर से जवाब मिला, झूठ बोल रहे हो तुम्हें घूमने जाना होगा...। इस बात पर प्रार्थना पत्र देने वाला युवक उखड़ गया। कड़क स्वर में बोला... पहले आप इसे पढ़ तो लीजिये। कौन ऐसा है जो ऐसे में घूमने जाएगा। यहां लोगों को जान बचाने की पड़ी है आप घूमने की कह रहे हो। तीन बार युवक ने प्रार्थना पत्र इमरजेंसी वाहन पास से जयपुर जाने के लिए भेजा, लेकिन उसे परमीशन नहीं मिली। पशु चिकित्सालय से आये एक कर्मचारी को उसके प्रार्थना पत्र पर ही परमीशन दे दी गई। वहीं एक मुस्लिम व्यक्ति निकाह के लिए वाहन की परमिशन लेना पहुचा, उसे भी निराश लौटना पड़ा। बाहर जाने पर रोक है, सिर्फ इमरजेंसी सर्विस को दे रहे पास। इस सम्बंध में एडीएम वित्त रमेश चन्द्र ने बताया कि 40 से 50 आवेदन आए हैं। बाहर जाने की कोई परमीशन नहीं। शहर में सिर्फ इमरजेंसी सर्विस के लिए पास दिए हैं।
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