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लॉक डाउन में हाईकोर्ट बार वकीलों को देगा एक एक हज़ार की मदद

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- फोटो : AMAR UJALA
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प्रयागराज। लॉक डाउन से युवा वकीलों को हो रही परेशानी से उबारने के लिए कई अधिवक्ता संगठन आगे आए हैं।हाईकोर्ट बार एसोसिएशन लॉकडाउन के कारण परेशान 10 साल से कम वकालत वाले अपने सदस्यों को एक-एक हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता देगा। वहीं हाइकोर्ट के वकीलों ने अपना व्हाट्स ऍप ग्रुप बना कर रहत कोष बनाया है। इसमें चंदा देने की अपील की गई है ताकि जरूरतमंद वकीलों की मदद हो सके। बार एसोसिएशन एल्डर कमेटी के चेयरमैन विनय चंद्र मिश्र ने यह जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना वायरस से बचाव और फिर 21 दिन के लॉक डाउन से अधिकतर नए वकीलों को आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कइयों को इसी मार्च व अप्रैल माह की आमदनी बहुत आवश्यक होती है क्योंकि बच्चों के एडमिशन, कॉपी किताबों, ड्रेस में उन्हें काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। कई नए वकील किराए पर रहते हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया व यूपी बार कौंसिल और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके पूर्व महाधिवक्ता वीसी मिश्र ने कहा कि इन हालात को देखते हुए एल्डर कमेटी ने 10 साल से कम की वकालत वाले एसोसिएशन के सदस्यों को आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि कमेटी के निर्णय के अनुसार ऐसे नए वकीलों को हाईकोर्ट खुलने या स्थिति सामान्य होने पर एक-एक हज़ार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। वहीँ हाइकोर्ट के अधिवक्ता अनूप बरनवाल ने राहत वॉट्स ऍप ग्रुप बना कर रहत कोष बनाया है। इसमें सैकड़ो वकीलों को जोड़ा गया है ताकि सभी एक दूसरे की मदद कर सकें। कोष में चंदा भी दिया जा सकता है। बार कौंसिल ने बनाई राहत टीम प्रयागराज। बार कौंसिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश ने तीन सदस्यों के टीम बनाई है जो वकीलों की हर तरह से मदद करेगी। टीम में कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह काउंसिल के उपाध्यक्ष देवेंद्र मिश्र नगरहा और सदस्य पीआर मौर्य शामिल है। उपाध्यक्ष देवेंद्र मिश्र ने बताया कि काउंसिल की टीम जरूरत पड़ने पर वकीलों की हर तरह से सहायता को तैयार हैं टीम के किसी भी सदस्य से अधिवक्ता संपर्क कर सकते हैं।
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