कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन बीएफ-7 के आहट के बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को बूस्टर डोज लगवाने की सलाह दे रहा है। जबकि स्थिति उलट है। जिले में अभी कोरोना की बूस्टर डोज आम लोगों को नहीं लगाई जा रही है। इसकी उपलब्धता नहीं है। ऐसे लोग चाहकर भी बूस्टर डोज अभी लगवा नहीं सकते हैं।
जिले में कोविशील्ड वैक्सीन का स्टॉक नहीं है। कोवैक्सिन कम मात्रा में उपलब्ध है। इसकी बूस्टर डोज अस्पतालों के स्टाफ को ही लगाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की संख्या 33.97 लाख है। इसमें से 24.89 लाख लोग 30 सितंबर 2022 बूस्टर डोज लगवाने के लिए पात्र थे।
45 हजार लोगों ने लगवाई बूस्टर डोज
30 सितंबर से बूस्टर डोज लगवाने के लिए अभियान चलाया गया। 54 हजार लोगों को बूस्टर डोज लगवाने का लक्ष्य था, 45 हजार लोगों ने बूस्टर डोज लगवाया था। टीका उपलब्ध न होने से एक अक्तूबर से बूस्टर लगना बंद हो गया। इसके बाद से अब तक बहुत कम लोगों को बूस्टर डोज लग पाई है।