न्यायालय के आधिकारिक ईमेल पर मंगलवार को दीवानी न्यायालय में 15 बम रखकर धमाकों की धमकी दी गई थी। पुलिस अब ईमेल भेजने वाले की आईपी एड्रेस से तलाश कर रही है। न्यायालय प्रशासन की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। उधर, बुधवार को भी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।
पुलिस और एसएसएफ के जवानों ने परिसर को खाली कराकर चार घंटे चेकिंग की थी मगर कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी। बुधवार को सुबह से ही न्यायालय के गेटों पर पुलिस के साथ ही एसएसएफ के जवान तैनात रहे। वह वाहनों की चेकिंग करते रहे। संदिग्धों को पूछताछ के बाद ही परिसर में जाने दिया गया।
दीवानी के चारों गेट से प्रवेश करने वाले वादकारियों और कर्मचारियों की पुलिस और एसएसएफ के जवानों ने तलाशी ली। अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मचारियों को पहचान पत्र दिखाने के बाद ही अंदर जाने दिया गया। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों की भी जांच की गई।
वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप शर्मा ने बताया कि परिसर में बड़ी संख्या में वाहन अंदर तक आ जाते हैं जबकि वाहनों को पार्किंग में ही खड़ा कराया जाना चाहिए। न्यायालय कक्ष के पास और अधिवक्ताओं के चैंबर तब वाहनों के आने से सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
उधर, डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि ईमेल कई जगह भेजे गए थे। सभी न्यायालय परिसर में धमाकों की धमकी दी गई थी। इस संबंध में जांच की जा रही है। ईमेल किसने और कहां से भेजा? इसकी जानकारी जुटा रहे हैं। पहले भी रेलवे स्टेशन और ताजमहल पर बम होने की धमकी दी जा चुकी हैं। आरोपी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। इस कारण उनकी लोकेशन मिल पाना आसान नहीं होता है।