आगरा के थाना लोहामंडी में बोगस फर्म बनाकर आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) की चोरी का एक और मामला सामने आया है। फर्म के पंजीकरण के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए गए। गलत नाम से खाता खोला गया। जिस जगह का पता दर्शाया वहां पर फर्म का ऑफिस भी नहीं मिला। जांच में लोगों ने फर्म का अस्तित्व में होने से ही इन्कार कर दिया। 10.38 करोड़ की आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर 1.86 करोड़ रुपये आईटीसी की चोरी कर ली गई। मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मोबाइल नंबर और खातों के बारे में जानकारी जुटाकर आरोपियों के बारे में पता कर रही है।
राज्य कर खंड-7 के उपायुक्त डाॅ. विपिन कुमार ने थाना लोहामंडी में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया कि फर्म करन ट्रेडर्स/जय ट्रेडर्स का जीएसटी नंबर 29 जनवरी 2023 को जारी किया गया था। ऑनलाइन आवेदन में जयवीर सिंह ने पता दयालबाग दर्ज कराया गया। खाता एयू स्माल फाइनेंस बैंक लिमिटेड, सेक्टर 18, नोएडा का था। सत्यापन के लिए फोटो, बिजली बिल और आधार कार्ड दिया गया था। इसमें कबाड़ सामान की बिक्री और खरीद का दावा किया गया था। इसकी जांच 20 अक्तूबर 2023 को सहायक आयुक्त विनीता श्रीवास्तव ने की थी।
जांच में फर्म व्यापार स्थल पर अस्तित्वहीन पाई गई। फर्म से न माल की खरीद की गई न ही बिक्री किया गया। व्यापारी ने बिना माल भेजे बिलों का आदान-प्रदान करके बोगस फर्मों को आईटीसी का लाभ दिया। इस पर फर्म का पंजीकरण 7 दिसंबर 2023 को निरस्त कर दिया गया था। वहीं, व्यापारी ने भी 5 जनवरी 2024 को फर्म बंद करने के लिए प्रार्थनापत्र दे दिया। इस तरह फर्म ने वर्ष 2023-2024 में 10.38 करोड़ की आउटवर्ड सप्लाई घोषित की और 1.86 करोड़ रुपये की आईटीसी की चोरी कर ली।
15 से अधिक मामले हुए दर्ज
थाना लोहामंडी में आईटीसी की चोरी के 15 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। फर्म बनाकर आईटीसी की चोरी की जा रही है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय फर्जी दस्तावेज लगाए जाते हैं और खाते भी खोले जाते हैं। रकम लेने के बाद फर्म बंद कर दी जाती है। पुलिस ने पिछले दिनों एक गिरोह भी पकड़ा था।